टोहाना। गांव जमालपुर शेखां के पास रोडवेज बस पलटने का मुख्य कारण सड़क के किनारे बनी बरम का कच्चा होना रहा। दरअसल, यह 17 फुट का लिंक मार्ग है। मगर जमालपुर में ओवरब्रिज के निर्माण के चलते भारी वाहनों को भी इस रास्ते से भेजा जा रहा है।
हादसे के बाद हरकत में आए मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों ने बरम को मजबूत करने के लिए मिट्टी की ट्रॉलियां भिजवाई। एक्सईएन का दावा है कि अब लिंक मार्ग के शुरुआती प्वाइंट पर बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें निर्देश होंगे कि यह मार्ग भारी वाहनों के लिए नहीं है। उधर, इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने जमालपुर शेखां में दूसरा मार्ग भी खुलवा दिया है।
ग्रामीणों का आरोप, सड़क निर्माण में बरती खामियां, दे चुके शिकायत
वहीं, ग्रामीण पवन कुमार व अन्य ने बताया कि करीब एक साल पहले मार्केटिंग बोर्ड द्वारा गांव जमालपुर से दमकोरा रोड को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण करवाया गया था। मगर ठेकेदार द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण कार्य में खामियां बरती गई। इसके बारे में कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सैनी, पूर्व पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली, जिला उपायुक्त, विजिलेंस व एसडीएम को भी शिकायत दी, लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की। अब यह हादसा हो गया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा सड़क के किनारे बरम भी तैयार नहीं करवाई गई, इसी कारण यह धंस गई।
सिंगल रोड होने से साइड देते समय जमीन धंसने से हुआ हादसा : विनोद कुमार
ग्रामीण विनोद कुमार ने बताया कि गांव जमालपुर में पुल निर्माण के चलते बसों को वाया दमकोरा होकर निकालना पड़ता है। यह सिंगल रोड होने के चलते दूसरे वाहनों को साइड देने की जगह नहीं बचती। सुबह भी सामने से वाहन आने के चलते चालक ने बस को साइड में किया तो मिट्टी में बस पलट गई। उन्होंने कहा कि इस रास्ते से वाहनों को निकालने से पहले अधिकारियों को पूरी व्यवस्था करवानी चाहिए थी, मगर ऐसा नहीं किया गया।
यह 17 फुट का लिंक रोड है। बरम भी कच्ची हो चुकी है। दो बस आएगी तो एक को कच्चे में उतरना पड़ता है। इसी कारण यह हादसा हुआ है। अब बोर्ड लगवाएंगे कि इस रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही वर्जित है। बारिश के कारण मिट्टी का कटाव हो गया है, उसको भरने के लिए भी मिट्टी की ट्रॉलियां डलवाई है।
-आनंद कुमार, एक्सईएन, मार्केटिंग बोर्ड, फतेहाबाद।