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Fatehabad News: दिवाली की आतिशबाजी के बाद जहरीली हुई जिले की आबोहवा

Tue, 21 Oct 2025 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद शहर में छाए कोहरे के बीच से गुजरते वाहन चालक। संवाद
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फतेहाबाद। जिले में दिवाली पर्व इस बार सोमवार व मंगलवार को मनाया गया है। इससे मंगलवार को जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर स्तर पर पहुंच गया। इससे मंगलवार को सुबह के समय धुएं की चादर दिखाई दी। दिवाली पर लोगों ने जमकर पटाखे छुड़ाए।
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वहीं मंगलवार को भी लोगों ने पटाखों की खरीदारी की है। इससे अगले दो दिनों तक और वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। मंगलवार शाम 5 बजे जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 257 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी का माना गया हैं। यह स्वास्थ्य के लिए खराब स्तर तक पहुंच गया है। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी व आंखों जलन हो रही है। आशंका है कि मंगलवार रात को भी आतिशबाजी होने से स्थिति और बिगड़ सकती है। मंगलवार को पटाखों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही है।

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दिवाली पर 5 करोड़ के बिके पटाखे

दुकानदार पीयूष, मुकेश, तरुण और राजेंद्र के अनुसार दिवाली पर जिले में करीब 5 करोड़ रुपये के पटाखे बिके हैं। इनमें से अधिकांश हरित की जगह साधारण पटाखे रहे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोई प्रभावी निगरानी न होने के कारण ग्रीन पटाखे बिक्री के नियमों का सही से पालन नहीं हुआ।
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दिवाली की आड़ में जलाए गए फसल अवशेष

प्रदूषण का एकमात्र कारण केवल आतिशबाजी नहीं है, बल्कि दिवाली की आड़ में किसानों द्वारा फसल अवशेष जलाने की आशंका है। जिले में फसल अवशेष जलाने के अभी तक 5 ही मामले सामने आए हैं। वहीं आतिशबाजी के कारण गांव भूथन कलां में गन्ने के फसल अवशेष के साथ पराली गांठों में भी आग लगी है। कृषि विभाग के अनुसार सख्त निर्देश व कार्रवाई के बावजूद, किसानों द्वारा खेतों में आग लगाई जाने की आशंका जताई जा रही है। गांव नांगला के किसान पर पराली जलाने के आरोप में 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। वहीं गांव म्योंद, बोस्ती, भूथन कलां, नांगला और इंदाछोई शामिल हैं। इन गांवों के किसानों के खेतों की जांच करके आग लगने के कारणों का पता लगाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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मास्क का करें उपयोग

छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा ने बताया कि बढ़े हुए प्रदूषण के कारण जिले के नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सांस के मरीजों और बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे मास्क का उपयोग करें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही सुबह के समय घर से बाहर निकलें। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण से आंखों में जलन हो रही है। ऐसे में जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकलें। समय-समय पर आंखों को धोते रहें।
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