फतेहाबाद। जिले में तहसीलदार और नायब तहसीलदार की हड़ताल शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर्स एसोसिएशन के आह्वान पर शुरू हुई पेन-डाउन स्ट्राइक के कारण जिलेभर की तहसीलों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इससे आमजन को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
तहसीलदारों के निलंबन और उनके खिलाफ बिना विभागीय जांच के पुलिस कार्रवाई के विरोध में शुरू हुई यह हड़ताल जारी है। शुक्रवार को तहसील कार्यालयों में हड़ताल की जानकारी नहीं होने के कारण कुछ लोग ई-दिशा के रजिस्ट्री कार्यालय में पहुंचे। रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजों के लिए लोगों की भीड़ रहती है। लेकिन पिछले दो दिनों से दिनभर सन्नाटा छा रहा है।
शुक्रवार को रजिस्ट्री के लिए 35 टोकन काटे गए, लेकिन अधिकारियों के अनुमति न होने के कारण एक भी रजिस्ट्री सिरे नहीं चढ़ पाई। लोग दूर-दराज के गांवों से काम के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बिना काम के लौटना पड़ा।
रतिया तहसील के नायब तहसीलदार विचित्रानंद ने बताया कि सरकार की ओर से बिना किसी ठोस जांच के तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को निलंबित किया है। एसोसिएशन की मांग है कि जब तक निलंबित अधिकारियों को बहाल नहीं किया जाता और जांच की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होती, वे काम पर नहीं लौटेंगे।
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तहसीलदार के ना होने से अटकी रजिस्ट्री
ई-दिशा भवन के रजिस्ट्री कार्यालय में पहुंचे रमेश नंबरदार ने बताया कि हड़ताल के चलते जिले में अब तक कुल 318 रजिस्ट्रियां लंबित हो चुकी हैं। इनमें से 248 रजिस्ट्री पिछले 48 घंटों से अटकी हुई हैं। रजिस्ट्री न होने से जहां आम जनता परेशान है, वहीं सरकार को रोजाना करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
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ये कार्य भी हैं प्रभावित
तहसीलदारों की अनुपस्थिति में केवल रजिस्ट्री के अलावा आम नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़े कार्य भी प्रभावित है। इनमें आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और रिहायशी प्रमाणपत्र के सत्यापन का काम ठप है। शादी के पंजीकरण के सर्टिफिकेट बंद है। शुक्रवार सुबह से आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचे वीरपाल सिंह निवासी अशोक नगर ने बताया कि, हड़ताल की जानकारी उन्हें ई-दिशा में पहुंचने के बाद में पता चली। अब बिना सत्यापन के जा रहा हूं।