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Fatehabad News: बीडीपीओ कार्यालय की कंडम दुकानों को तोड़ने पहुंची टीम, दुकानदारों ने किया हंगामा

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फतेहाबाद में दुकान का शटर तोड़ते हुए जेसीबी चालक।
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फतेहाबाद। पुराना बस स्टैंड के सामने स्थित बीडीपीओ कार्यालय की कंडम हो चुकी दुकानों को गिराने की कार्रवाई करने के लिए पंचायत विभाग की टीम बुधवार को पुलिस व जेसीबी लेकर पहुंच गई। टीम ने दुकानों को तोड़ने का का कार्य शुरू किया तो वहां काबिज दुकानदारों ने हंगामा कर दिया।
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बाद में नगर परिषद उपाध्यक्ष सविता टुटेजा के पति बिंटू टुटेजा मौके पर पहुंचे और दुकानदारों को दुकानें खाली करने का समय मांगा। बीडीपीओ ने दुकानदारों को रविवार तक का समय देते हुए कहा कि अगर वह अपने आप दुकानें खाली नहीं करेंगे तो सोमवार को फिर से दुकानें तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर दुकानदार भी इस कार्रवाई के बाद अदालत में स्टे लेने के लिए पहुंच गए।

20 साल पहले बनाई गई थी 18 दुकानें
जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद बीडीपीओ कार्यालय के आगे रोड पर कार्यालय की ओर से करीब 20 साल पहले 18 दुकानों का निर्माण किया गया था। समय बीता तो ये दुकानें जर्जर हो गई और तीन साल पहले बीडीपीओ कार्यालय ने इन दुकानों को कंडम घोषित करते हुए यहां काबिज दुकानदारों को नोटिस देकर दुकानें खाली करने के आदेश दिए थे। इन नोटिस के खिलाफ दुकानदार अदालत में चले गए और उनको स्टे भी मिल गया। इस दौरान बीडीपीओ कार्यालय की ओर से भी अदालतों में रिट दायर की जाती रही, लेकिन अलग-अलग अदालतों से स्टे मिलने के कारण तीन साल बीत गए। अब यह मामला राजस्व अधिकारी की अदालत में चल रहा है और दुकानों पर कोई स्टे नहीं है। ऐसे में बीडीपीओ कार्यालय ने इन दुकानों को तोड़ने का फैसला लिया। मंगलवार को बीडीपीओ सुशील मंगला के नेतृत्व में जेसीबी व पुलिस फोर्स सहित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दुकानदारों को अपना सामान बाहर करने को कहा। कुछ दुकानदारों ने अपना सामान निकालना आरंभ कर दिया और जेसीबी ने दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। जेसीबी ने कंडम हो चुकी छह दुकानों के शटर तोड़ दिए। दुुकानदारों को उनकी दुकान से सामान निकालने के भी आदेश दिए गए। दुकानदारों ने अपनी दुकान से सामान भी बाहर निकाल लिया।
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दुकानदार बोले, बिना अदालत के आदेशों के ही तोड़ रहे दुकानें
इस दौरान कुछ दुकानदारों ने हंगामा भी मचाया। दुकानदारों का आरोप था कि बिना अदालत के आदेशों के ही इन दुकानों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन दुकानों में वह वर्षों से काबिज हैं, लेकिन अब दुकानों को कंडम घोषित करके उनकी रोजी रोटी छीनी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकानों को लेकर उनसे रिश्वत भी मांगी जाती रही है। इस बीच बिंटू टुटेजा मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों से बातचीत करते हुए दुकानदारों को अपना सामान निकालने के लिए कुछ समय देने की मांग की। बीडीपीओ ने दुकानदारों को सोमवार तक का समय दिया। इसके बाद दुकानें तोड़ने की कार्रवाई रोक दी गई। दुकानदारों ने बीडीपीओ के सामने मांग रखी कि नई दुकानें बनने के बाद उनको दोबारा यह दुकानें अलॉट की जाएं। इस पर बीडीपीओ ने कहा कि दुकानों की नीलामी रखी जाएगी और जो दुकानदार यहां पर काबिज हैं, वह नीलामी में एक रुपया अधिक भी देंगे तो उनको दुकान अलॉट कर दी जाएगी।
दुकानदारों को मिला स्टे
बीडीपीओ कार्यालय द्वारा दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई के विरोध में दुकानदार मंगलवार को सीजेएम अंबरदीप सिंह की अदालत में स्टे के लिए चले गए। दुकानदारों के वकील कपिल नागपाल ने बताया कि बीडीपीओ विभाग ने बिना नोटिस के यह कार्रवाई की थी। अब बीडीपीओ विभाग ने कोर्ट में कहा है कि वह बिना आदेशों के कार्रवाई नहीं करेगा। अदालत ने दुकानदारों को दो मई 2023 तक का स्टे दे दिया है।

तीन साल पहले इन दुकानों को कंडम घोषित किया जा चुका है। दुकानदार इस दौरान किराया भी नहीं भर रहे थे। अब इन दुकानों पर कोई स्टे नहीं था तो मंगलवार को इनको तोड़ने की कार्रवाई शुरू की थी। दुकानदारों की डिमांड पर उनको दुकानें खाली करने के लिए रविवार तक का समय दिया है, इसके बाद दुकानें तोड़ दी जाएंगी।
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-सुशील मंगला, बीडीपीओ, फतेहाबाद
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