सरकारी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया अंतिम चरण में है, पिछले साल के मुकाबले इस बार 6 हजार ज्यादा विद्यार्थियों ने दाखिला ले लिया है। सरकारी स्कूलों में एक लाख 17 हजार विद्यार्थियों ने दाखिला ले लिया है। अब शिक्षा विभाग के सामने इन विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाना चुनौती बन गया है। सरकारी स्कूलों में अब तक ऑनलाइन पढ़ाई शुरू नहीं हुई है। सरकारी स्कूलों के 22478 विद्यार्थियों के पास कोई फोन नहीं है। ये ही नहीं 19120 विद्यार्थियों के पास फीचर फोन हैं।
शिक्षा विभाग अब ऐसे विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पहले गुरुजी को ट्रेनिंग देने जा रहा है। स्मार्ट, फीचर और बिना फोन वाले विद्यार्थियों को किस तरह से पढ़ाया जाना है इसको लेकर शिक्षा विभाग ने ट्रेनिंग शुरू कर दी है। पहले डीईईओ, डीपीसी, बीईओ, नोडल अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके बाद ये शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
स्मार्ट फोन वालों को गूगल मीट बारे में बताया जाएगा
जिन विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन है, उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षकों को गूगल मीट के बारे में बताया जाएगा। शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी कैसे गूगल मीट पर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाना है।
फीचर फोन वाले विद्यार्थियों को मैसेज से देंगे जानकारी
सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 19120 विद्यार्थियों के पास फीचर फोन है। इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग शिक्षकों को ट्रेनिंग देगा कि उन्हें किस तरह से फीचर फोन मैसेज के जरिये होमवर्क भेजना है।
फोन नहीं तो शिक्षक घर जाकर देंगे काम
जिले में 22478 विद्यार्थियों पास फोन नहीं है। ऐसे विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग शिक्षकों को ट्रेनिंग दे रहा है कि कैसे उन्हें घर जाकर होमवर्क देना है और फिर उस कॉपी की जांच करनी है। इसके अलावा लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन के वॉलंटियर की भी मदद ली जाएगी।
यह है बच्चों की संख्या और इतने के पास है फोन
कक्षा पहली से पांचवीं में विद्यार्थियों की संख्या : 51173
कक्षा छठी से आठवीं में विद्यार्थियों की संख्या : 30810
कक्षा नौंवी से बारहवीं में विद्यार्थियों की संख्या : 35142
विद्यार्थियों के स्मार्ट फोन : 7527
विद्यार्थियों के पास बेसिक फोन : 19120
विद्यार्थियों व अभिभावकों के पास फोन नहीं : 22478
कोट
स्कूलों में अभी दाखिला प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इससे पहले शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है कि जिन विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फीचर फोन हैं तथा जिनके पास नहीं है उन्हें कैसे पढ़ाया जाएगा। ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है।
- अनुराग धारीवाल, जिला सक्षम अधिकारी।