फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग वर्ष 2025 में टीबी मुक्त भारत का दावा कर रहा है, लेकिन अधिकारी इसके लिए गंभीर नहीं है। उनकी ओर से विभाग की योजनाओं को ही सिरे नहीं चढ़ाया जा रहा है। विश्व टीबी दिवस पर 24 मार्च को चयनित टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाना था, जो कि अब तक नहीं हुई हैं।
दरअसल, मार्च माह में लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगी और हटने के बाद भी कार्य पूरा नहीं किया जा सका। जुलाई माह में विभाग ने कार्यक्रम भी रखा, लेकिन फिर उसे रद्द कर दिया गया था। अब एक बार फिर से विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लग चुकी है। ऐसे में यह काम कार्य अब भी अटका है। टीबी मुक्त के लिए जिले की 42 पंचायतें नामांकित हुईं थी। इन पंचायतों का रिकॉर्ड जिला व राज्य स्तर की टीम ने जांचा था। जांच के बाद 35 पंचायतों का चयन हुआ था।
ये टीबी मुक्त ग्राम पंचायतें होनी हैं सम्मानित :
मल्हड़
नखाटिया
मानकपुर
लठेरा
राजनवाली
नीकूवाना
भानीखेड़ा
सलेमपुरी
ब्राह्मणवाला
नथवान
कानाखेड़ा
दिगोह
भूंदड़ा
सिंथला
कानीखेड़ी
रहनखेड़ी
भोडिया खेड़ा
बिढ़ई खेड़ा
ठरवी
उदयपुर
पूर्ण माजरा
रेनवाली
चूहड़पुर
नथूवाल
सिंबलवाला
मुंदलिया
जापतेवाला
कमालवाला
ढाणी चानन
करनौली
हरिपुरा
अकांवाली
सुलीखेड़ा
गदली
बनावाली
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जिले में ये रही है टीबी की पिछले वर्ष स्थिति
जिले में टीबी के लिए हुई जांच - 17084 मरीज
जांच में टीबी पॉजिटिव मिले - 2083
टीबी मरीजों का शुरू हुआ उपचार - 2438
पुरुष मिले पॉजिटिव - 1275 मरीज
महिलाएं मिलीं पॉजिटिव - 808 मरीज
14 साल तक के बच्चे मिले पॉजिटिव - 60 मरीज
तीन साल तक टीबी मुक्त रहने पर मिलेगी गांधी प्रतिमा
टीबी मुक्त पंचायत को प्रमाण पत्र के साथ महात्मा गांधी एक प्रतिमा प्रदान की जाएगी। टीबी मुक्त पंचायत बने रहने पर पहले वर्ष कांस्य, लगातार दो वर्षो तक यह दर्जा रहने पर रजत और तीन वर्षो तक यह दर्जा बने रहने पर स्वर्ण रंग की मूर्ति प्रदान की जाएगी। टीबी मुक्त पंचायत पुरस्कार को ग्राम पंचायत के सदन में प्रदर्शित किया जाएगा।
टीबी मुक्त पंचायतों को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम रखा गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से रद्द हो गया। आचार संहिता हटने के बाद कार्यक्रम तय किया जाएगा।
- डॉ. महेंद्र भादू, सिविल सर्जन