कांटे पर दिखाई देता मिठाई के डिब्बे का वजन।
कुलां। मिठाई विक्रेता नियमों को दरकिनार कर ग्राहकों की आंखों में धूल झोंककर, मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। यहां नामी मिठाई विक्रेता मिठाई के साथ गत्ते का डिब्बा तौलकर ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं। जितनी महंगी मिठाई उतना ही महंगा गत्ते के डिब्बे का मूल्य लगाया जा रहा है। एक किलो मिठाई लेने पर ग्राहक को अमूमन 150 से 200 ग्राम मिठाई का नुकसान हो रहा है। गौरतलब है कि मिठाई के साथ डिब्बे के वजन को शामिल करना गैरकानूनी है।
कुलां में नामी मिठाई विक्रेता और एक ग्राहक के बीच डिब्बे के साथ मिठाई तौलने को लेकर बहसबाजी हो गई। उक्त दुकानदार ने डिब्बे सहित एक किलो काजू कतली तौल दी। ग्राहक को मिठाई के खाली डिब्बे का वजन ज्यादा लगा तो उसने खाली डिब्बे का वजन कराया। तौल किए गए खाली डिब्बे का वजन चौंकाने वाला था। ग्राहक संजीव कुमार ने बताया कि कंप्यूटर कांटे पर उस खाली डिब्बे का वजन 230 ग्राम निकला। कुल मिलाकर डिब्बे में केवल 770 ग्राम बर्फी ही पड़ी। संजीव कुमार ने बताया कि ये बर्फी उसने 650 रुपये प्रति किलोग्राम खरीदी थी। ऐसे में उसको ये गत्ते का खाली डिब्बा ही करीब 150 रुपये में पड़ गया। अचरज की बात ये है कि जब ग्राहक ने इस बारे में मिठाई विक्रेता से बात की तो मिठाई विक्रेता का कहना था कि उनके खर्च बहुत हैं। ये खर्च ग्राहकों से ही पूरे करने है। यह हैं नियम
नियमानुसार दुकानदार मिठाई तौलकर ही डिब्बे में डाल सकता है या पहले डिब्बे का वजन कर फिर उसमें मिठाई भरेगा। यदि खाली डिब्बे का वजन 200 ग्राम होता है, तो दुकानदार द्वारा एक किलो मिठाई लेने वाले उपभोक्ता को डिब्बे सहित एक किलो 200 ग्राम वजन तौलकर दिखाना होगा।
कोट
कोई भी मिठाई विक्रेता मिठाई के साथ डिब्बे का वजन नहीं तौल सकता है। अगर ऐसा करता है तो गलत है। कुलां क्षेत्र में आए मामले में जांच करवाई जाएगी। अगर मिठाई विक्रेता की गलती है, तो चालान किया जाएगा। जल्द ही जिले में चेकिंग अभियान भी चलवाएंगे।
-धर्मपाल, निरीक्षक, माप-तौल विभाग, फतेहाबाद