समैन। गांव डांगरा निवासी किसान सुरेश कुमार वर्ष 2015 से प्राकृतिक खेती में जुटे हैं। सुरेश ने बताया कि वह पांच एकड़ जमीन में खेती करते हैं। गेहूं व धान की फसल में वह न तो कीटनाशक डालते है और न ही खाद।
सुरेश कुमार के अनुसार प्राकृतिक खेती में वह गाय का गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन व मिट्टी से जीवामृत तैयार करते हैं। इस जीवामृत को वह फसल की प्रत्येक सिंचाई के साथ 200 लीटर प्रति एकड़ यूरिया खाद की जगह डालते हैं। इसके अलावा वह फसल में डीएपी खाद की जगह सरसों की खल डालते हैं।
सुरेश का कहना है कि प्राकृतिक खेती करने से किसान को बहुत बड़ा नुकसान नहीं होता। एक एकड़ में 40 से 45 मण तक गेहूं का उत्पादन होता है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि उनको भी प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहिए ताकि लोगों को बीमारियों से बचाया जा सके।