फतेहाबाद। मॉडल संस्कृति स्कूलों में एक अप्रैल से दाखिला प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। छात्र इन स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न पर हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में दाखिला ले सकेंगे। लेकिन छात्र अन्य सरकारी स्कूलों की तरह निशुल्क नहीं पढ़ पाएंगे। छात्रों को यहां पढऩे के लिए मासिक फीस देनी होगी।
जिले में फतेहाबाद, भट्टू, रतिया, जाखल, भूना और टोहाना के इंदाछुई में एक-एक मॉडल संस्कृति स्कूल चल रहा है। ये स्कूल दो साल पहले शुरू हुए थे और सीबीएसई से जोड़ा गया था। मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों को मासिक फीस देनी होगी। इसके अलावा दाखिला फीस एक हजार रुपये देना होगा, हालांकि ये फीस एक बार ली जाएगी। इसके अलावा कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थी को 300 रुपये, कक्षा नौवीं से दसवीं के विद्यार्थी को 400 रुपये और कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थी को 500 रुपये मासिक फीस देनी होगी। अगर परिवार की आय 1.80 लाख से कम है तो प्रमाण पत्र दिखाना होगा। इस दौरान सिर्फ स्कूल फंड ही विद्यार्थी से लिए जाएंगे।
स्कूल में पीजीटी और टीजीटी के पद खाली
मॉडल संस्कृति स्कूल फतेहाबाद में पीजीटी के 36 पद स्वीकृत है। यहां पर 26 पीजीटी कार्यरत है। इसके अलावा टीजीटी के 11 पद स्वीकृत है और यहां पर सात पीजीटी कार्यरत हैं। स्कूल में पिछले सत्र में 1210 छात्रों ने दाखिला लिया था।
मॉडल संस्कृति स्कूल में दाखिला की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू हो रही है। विद्यार्थी यहां पर हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में दाखिला ले सकते हैं। मॉडल संस्कृति स्कूल सीबीएसई पैटर्न पर है। स्कूल में विद्यार्थियों के लिए सभी सुविधाएं हैं।
-सज्जन कुमार, वाइस प्रिंसिपल, राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल फतेहाबाद।
जिले के प्रत्येक खंड में एक-एक मॉडल संस्कृति स्कूल चल रहा है। इन स्कूलों को सीबीएसई से मान्यता मिली हुई है। विद्यार्थी एक अप्रैल से इन स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी