फतेहाबाद/समैन। मौसम ने एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को शाम को अचानक मौसम परिवर्तन हुआ और आसमान में काले बादल छा गए। फतेहाबाद शहर के कुछ हिस्सों में बुधवार शाम को हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश से सड़कें गीली हो गई और लोग बारिश में भीगते नजर आए। हालांकि गांवों में बारिश नहीं हुई, अगर बारिश होती है तो किसानों की फसलों को नुकसान होना लाजिमी है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 मार्च को भी बारिश हो सकती है।
मालूम हो, कि करीब एक सप्ताह पहले बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई थी। ओलावृष्टि के कारण रतिया क्षेत्र के अनेक गांवों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा था, लेकिन मौसम साफ होने से काफी हद तक किसानों को राहत मिली थी। अब एक बार फिर मौसम में परिवर्तन हुआ है। बुधवार शाम को आसमान में काले बादल छा गए। इसके साथ ही ठंडी हवाएं चलना शुरू हो गईं, जो किसानों के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। गेहूं की फसल लगभग पक कर तैयार हो चुकी है। इसके अलावा कई जगह सरसों की फसल को काटकर खेतों में ही सूखने के लिए रख दिया गया है। ऐसे में अगर बारिश होती है, तो फसल सड़ सकती है और उसका दाना भी खेत में ही गिर जाएगा। ऐसे में किसान फसलों से फायदा नहीं उठा पाएंगे।
समैन संवाददाता के अुनसार, टोहाना खंड के गांव समैन, कन्हड़ी, गाजुवाला, पिरथला, पारता, भीमेवाला, नांगला, नांगली, लोहाखेड़ा, डांगरा सहित आस-पास के गांवों में गेहूं की फसल लगभग पककर तैयार है, लेकिन आसमान में मंडराते काले बादलों ने किसानों की चिंता की लकीरों को गहरा कर दिया है। कन्हड़ी के किसान सतपाल सिंह, उमेद सिंह, हरपाल सिंह ने बताया कि अगले पांच-सात दिनों में कटाई शुरू होने की संभावना है, लेकिन मौसम खराब होने के कारण उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि यदि अब बारिश हुई तो उनकी छह महीने की मेहनत पर पानी फिर जाएगी।
हरियाणा राज्य में मौसम आमतौर पर 4 अप्रैल तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। पश्चिमिविक्षोभ के आंशिक प्रभाव से राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में 30 व 31 मार्च तथा 3 अप्रैल को राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में बादलवाई रहने या हल्की बारिश की भी संभावना है। इस के बाद 4 अप्रैल से राज्य में मौसम आमतौर पर खुश्क संभावित।
-डॉ. मदन खीचड़ विभागाध्यक्ष कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार।