फतेहाबाद। स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को आपदाओं और आपातकालीन स्थिति से निटपने
फतेहाबाद। पीएम श्री स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय, खारा-खेड़ी में विद्यार्थियों को आपदाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 7वीं वाहिनी ने स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत आयोजित किया। शिविर में छात्रों को व्यावहारिक प्रदर्शन और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से 11 प्रमुख आपदा निवारक विषयों पर प्रशिक्षित किया गया।
धर्मांशु यादव के नेतृत्व में एनडीआरएफ टीम ने विद्यार्थियों को सिखाया कि यदि किसी व्यक्ति की सांस रुक जाए या दिल की धड़कन बंद हो जाए, तो सीपीआर तकनीक के जरिए उसकी जान कैसे बचाई जा सकती है। इसके साथ ही श्वास नली में कुछ फंसने पर किए जाने वाले उपायों का भी अभ्यास कराया गया।
उन्होंने बताया कि आपदा के समय घबराहट के बजाय सही तकनीक का प्रयोग ही जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करता है। प्राचार्य अनूप सिंह ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को विभिन्न प्रकार की आपदाओं जैसे भूकंप, आग, बाढ़ अथवा अन्य आकस्मिक स्थितियों के दौरान सुरक्षा, सतर्कता एवं त्वरित प्रतिक्रिया के प्रति जागरूक करना था। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विद्यार्थियों को चलाया अग्निशामक यंत्र
प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना स्थल पर उपलब्ध सामग्री जैसे चद्दर, कंबल या डंडों की मदद से अस्थायी स्ट्रेचर बनाना और हाथ टूटने पर अस्थायी पलस्तर करने की विधि भी विद्यार्थियों को सिखाई गई। इसके साथ ही विद्यार्थियों को न केवल अग्निशामक यंत्र चलाना सिखाया गया, बल्कि आग में फंसे घायल को सुरक्षित बाहर निकालने की फायर एंड ड्रेग पद्धति का भी अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम में भूकंप और बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और बचाव के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर धर्मांशुं यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूलों में इस तरह के प्रशिक्षण का उद्देश्य भविष्य की पीढ़ी को डिजास्टर रेजिलिएंट (आपदा सक्षम) बनाना है।