फतेहाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पतालों ने मंगलवार को उपचार नहीं किया। पात्र अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचे लेकिन हड़ताल का हवाला देकर उपचार से मना कर दिया गया। जिले में करीब 20 ऑपरेशन नहीं हुए।
मरीजों को बुधवार और अन्य दिन की तारीख दी गई। जिले के अस्पतालों का करीब 20 करोड़ रुपये सरकार पर बकाया है। जिले के 23 अस्पताल आयुष्मान पैनल में शामिल हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अधिकतर अस्पतालों ने काम किया है।
वहीं पैनल अस्पतालों के संचालकों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने से नाराजगी है। अब 10 सितंबर के बाद आयुष्मान योजना के तहत इलाज बंद किया जा सकता है। करीब 9 माह से अस्पतालों को आयुष्मान और चिरायु योजना के तहत भुगतान ही नहीं किया गया है।
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ऑपरेशन सुविधा हो चुकी है बंद
आयुष्मान भारत योजना में शामिल निजी अस्पतालों के पैकेज में पहले मोतियाबिंद, दूरबीन के ऑपरेशन, सांस संबंधित बीमारियों समेत कई पैकेज शामिल थे। जिन्हें सरकार अब बंद कर चुकी है। इनसे पीडि़त मरीजों का उपचार अब सरकारी अस्पतालों किया जा रहा है। इसके अलावा ईएनटी संबंधित भी कई पैकेज भी योजना से बाहर कर दिए गए हैं।
जिले में ये अस्पताल हैं पैनल में शामिल
जयपुर बच्चों का अस्पताल
वधवा सर्जिकल अस्पताल
आई क्यू विजन प्राइवेट लिमिटेड
लाइफ केयर अस्पताल
सद्भावना अस्पताल
उम्मीद मल्टीस्पेश्यलिटी अस्पताल
सिवाच सर्जिकल एवं मैटरनिटी अस्पताल
सुविधा अस्पताल
जनता आई एंड मैटरनिटी अस्पताल
मेहता आई अस्पताल
राजस्थान मेडिकल सेंटर
राजन आई हार्ट एंड लेजर सेंटर
अरोड़ा अस्पताल
पारूल ईएनटी स्किन एंड लेजर सेंटर
सांई चिल्ड्रन अस्पताल
जैन चेरिटेबल ट्रस्ट
दीपांश भाटिया नर्सिंग होम
शालिनी सर्जिकल अस्पताल
खन्ना ईएनटी एंड डेंटल अस्पताल
गोयल नर्सिंग होम
अजय अस्पताल
हरे कृष्णा नेत्रालय
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आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार करने वाले अस्पतालों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। पहले भी कई बार मांग की जा चुकी है। इसी के चलते एक दिन की हड़ताल की गई है।
- डॉ. पवन मेहता, मीडिया प्रभारी, आईएमए
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भुगतान को लेकर जिले के कुछ अस्पताल हड़ताल पर रहे हैं और कुछ ने काम किया है। अस्पतालों के भुगतान के बारे में मुख्यालय स्तर पर ही फैसला लिया जाता है।
- डॉ. लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन