टोहाना। विकास और पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने अपने जन्मदिन पर गांव बिढ़ाईखेड़ा के प्राइमरी स्कूल में विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मंत्री की पहल पर करवाई गई मेरा टोहाना मैं संवारू प्रतियोगिता में भाग लेने वाले टोहाना के सरकारी और निजी स्कूलों के 31125 विद्यार्थियों में से भी कई विद्यार्थियों को बुलाया गया। कार्यक्रम में छात्रा ज्योति ने मंत्री बबली से पूछा कि आपकी दिनचर्या क्या है और क्या आपको कभी गुस्सा आता है। इस पर मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि पहली बात तो उन्हें गुस्सा नहीं आता, परंतु मेरा लहजा और आवाज सख्त है, जिसे लोग कभी गुस्सा मान लेते हैं।
मेरे अंदर काम करने और लक्ष्य प्राप्ति का जुनून और जिद्द है। साधारण मनुष्यों की भांति वे भी सुबह उठकर सबसे पहले भगवान से प्रार्थना करते हैं कि शक्ति प्रदान करें, जिससे जरूरतमंदों की सेवा कर सकूं। कार्यक्रम में पांच बिंदुओं पर बच्चों से उनकी राय मांगी गई थी, जिसमें स्वच्छता के प्रति नागरिक जागरूकता, मेरा पानी मेरी विरासत को बेहतर ढंग से लागू करने, देवेंद्र बबली की विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए, संस्थान में सुधार के लिए और शहर के विकास व खुशहाली के लिए सुझाव मांगे गए थे। इनमें से सबसे बेहतर सुझाव देने वाले 220 विद्यार्थियों को समारोह में पुरस्कृत किया गया। साथ ही उत्कृष्ट शिक्षा देने वाले 175 शिक्षकों और 250 सहयोगियों का सम्मान भी मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने किया।
विद्यार्थियों और पंचायत मंत्री के बीच इस तरह रहा संवाद
छात्रा सिमरन- पर्यावरण संरक्षण के लिए आपने क्या उपाय किए?
पंचायत मंत्री- पूरे प्रदेश में पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। एक अगस्त से एक पेड़ विश्वास का नाम से पौधरोपण अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत 20 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इन पौधों की देखभाल का कार्य मनरेगा में सौंपा गया है। 7200 मनरेगा श्रमिकों को तीन साल तक इनकी संभाल की जिम्मेदारी दी है।
छात्रा वंशिका - टोहाना की राजनीति में जिन सपनों को लेकर आए, वे किस हद तक पूरे हुए।
पंचायत मंत्री - बचपन से विकसित टोहाना का सपना देखा था, जो काफी हद तक पूरा हुआ है। क्षेत्रवासियों की सहायता से मेरे सभी सपने शीघ्र पूरे होने की अपेक्षा है।
वंदना - सरकारी स्कूलों में मेडिकल सुविधाएं, योगशाला और लाइब्रेरी के लिए क्या प्रयास किए और क्या जारी हैं?
मंत्री- बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों में ये सुविधाएं उपलब्ध करवा दी गई हैं। जहां नहीं हैं और किसी भी माध्यम से इन सुविधाओं की मांग मिलती है, वहां अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर ये सुविधाएं देने के आदेश दिए जाते हैं। 1200 गांवों में लाइब्रेरी और ई-लाइब्रेरी की सुविधा दी गई है।
रेशमा- गांवों में कम्युनिटी भवन और जल निकासी के लिए क्या किया?
मंत्री- प्रदेश के कई गांवों में कम्युनिटी भवन बनवाने का काम प्रगति पर है, अधिकांश जगह काम पूर्ण हो चुका है। जल निकास के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।
तनु- हम कैसे विकास करें ताकि तरक्की की राह पर बढ़ सकें?
मंत्री जी- अनुशासन और कड़ी मेहनत सफलता का मूल मंत्र है। हम सुनियोजित तरीके से अनुशासनबद्ध होकर कार्य योजना बनाएं और कड़ी मेहनत से उस पर कार्य करें तो तरक्की और सफलता निश्चित है।
अस्मित कौर- शिक्षा में सुधार और तरक्की के लिए क्या कदम उठाएं?
मंत्री- हमने सरकारी स्कूलों की आवश्यकताओं का सर्वे करवाया और उन्हें पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। पढ़ाई के लिए कमरे, लाइब्रेरी, खेल मैदान आदि की कमियां पूरी करवाईं। टोहाना क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खुलना भी बड़ी उपलब्धि है। दिव्यांग बच्चों की अपूर्वा फाउंडेशन से आई हर्षा - क्या हम आपके फेवरेट हैं?
मंत्री - जी, बिलकुल आप मेरे फेवरेट हैं। समाज में आपका भी विशिष्ट स्थान है और आप हमारे समाज का एक अहम हिस्सा हो।