एक नाबालिग छात्रा द्वारा शुक्रवार की सुबह खांसी की दवाई की जगह गलती से सिर में जुओं को मारने वाली दवाई पी ली। जिसके बाद उसे चक्कर आने शुरू हो गए और उल्टियां करने लग गई। छात्रा के परिजनों ने देखा तो खांसी वाली दवाई की जगह जुओं एवं कीड़ो को मारने वाली दवाई की शीशी खाली पड़ी हुई थी। जिसके बाद छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना में दाखिल कराया कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने छात्रा के पिता सुखविंदर सिंह के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
वार्ड नंबर 9 भूना निवासी टेलर मास्टर सुखविंदर सिंह ने बताया कि शुक्रवार की सुबह पूरे परिवार के सदस्य घर पर थे। इस बीच खांसी की दवाई लेने के लिए नौवीं कक्षा की छात्रा 14 वर्षीय मुस्कान कमरे में गई थी। उसने गलती से खांसी की दवाई पीने की जगह सिर में जुओं को मारने वाली दवाई गटक ली। कुछ समय पश्चात उसे अचानक चक्कर आने लगे और उल्टियां शुरू हो गई। बच्ची को जब पूछा तो बताया कि उसने खांसी वाली दवाई पी थी। बच्ची के परिजनों ने जब दवाई देखी तो उनका माथा ठनक गया। क्योंकि बच्ची खांसी की जगह कीटनाशक दवाई पी गई थी। मुस्कान को गंभीर हालत में स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल करवाया। मगर कुछ समय बाद छात्रा ने दम तोड़ दिया। पुलिस जांच अधिकारी सुषमा देवी ने मौके पर पहुंचकर मुस्कान के पिता के बयान पर धारा 174 की कार्रवाई की है। इस संबंध में थाना प्रभारी कपिल कुमार सिहाग ने बताया कि बच्ची के पिता के बयान पर पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों के हवाले कर दिया।