गांव भुदंड़वास में पराली जाने के बाद की गई खेत की बुवाई।
फतेहाबाद। जिले में इन दिनों धान की कटाई शुरू हो चुकी है। वहीं किसान रात के अंधेरे में धान की फसल के अवशेष जलाने लगे हैं। धान की कटाई शुरू हुए अभी एक सप्ताह का समय ही हुआ है और जिले में फसल अवशेष जलाने के तीन मामले आ चुके हैं।
कृषि विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर तीनों किसानों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अभी तक पूरी तरह से धान की कटाई का काम शुरू नहीं हुआ है। धान की कटाई का काम अक्तूबर माह लगने के साथ ही जोर पकड़ेगा। यह सीजन 15 नवंबर तक रहेगा। उसके बाद गेहूं की बिजाई शुरू हो जाएगी। ऐसे में स्थिति अभी और गंभीर होने की आशंका है।
कृषि विभाग के अनुसार धान की कटाई का सीजन अभी कम होने के चलते पराली की गांठ बनाने और पराली के प्रबंधन को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है। अभी गेहूं की बिजाई में भी काफी समय ऐसे में किसानों को पराली प्रबंधन में कृषि विभाग और पर्यावरण को स्वच्छ बनाएं रखने में सहयोग करना चाहिए।
पराली प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा दिए गए कृषि यंत्र
बेलिंग मशीन-312
रोटरी स्लेशर-468
स्ट्रा रेक-276
सुपर सीडर-920
जिले में फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग के द्वारा 271 गांवों में टीम बनाई गई है। पिछली साल की तरह इस बार भी गांव के सरपंच और नंबरदार पराली जलाने वाले किसानों की सूचना सरकार तक पहुंचा सकेंगे। रेड से ग्रीन जोन में शामिल होने वाली ग्राम पंचायतों को कृषि विभाग द्वारा एक लाख रुपये और येलो जोन से ग्रीन जोन में शामिल होने पर ग्राम पंचायत को 50 हजार रुपये देकर सम्मानित किया जाएगा।
-डॉ. राजेश सिहाग,उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।