रतिया के गांव ब्राहमणवाला में पराली में लगी आग बुझवाने पहुंचे कृषि अधिकारी।
फतेहाबाद। पराली जलाने के मामलों में अभी भी कोई कमी नहीं आ रही है। शुक्रवार को फतेहाबाद में छह स्थानों पर पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। साथ ही दो किसानों पर केस दर्ज किया गया है। वहीं पराली जलाने के मामलों की संख्या अब पहुंचकर 573 पहुंच गई है। पुलिस ने पराली जलाने के मामले में अब तक 22 किसानों पर केस दर्ज हो चुका है।
फतेहाबाद में सदर रतिया पुलिस ने मेजर सिंह निवासी अलीका व फतेहाबाद सदर पुलिस ने दीपक निवासी बीघड़ के खिलाफ फसली अवशेष जलाने के आरोप में केस दर्ज किया है। जिले में हालांकि हवा चलने के कारण एक्यूआई का स्तर कुछ कम हुआ है। वीरवार को जहां फतेहाबाद में एक्यूआई का स्तर 346 था, वहीं शुक्रवार को यह घटकर 287 पर आ गया। एक्यूआई का स्तर अभी भी लोगों के लिए खतरनाक है। फतेहाबाद में 25 नवंबर तक धान की सरकारी खरीद होनी है, ऐसे में किसान लगातार धान की कटाई में लगे हुए हैं। हालांकि बाढ़ग्रस्त क्षेत्र जहां दोबारा से धान की रोपाई हुई थी, वहां अभी भी धान खड़ी है। इसके सूखने में अभी तीन से चार दिन का समय लगेगा। जिस कारण 25 नवंबर के बाद किसानों को धान बेचने के लिए फिर से निजी हाथों को औने-पौने दाम में धान बेचनी पड़ेगी।
उप कृषि निदेशक बोले
-धान की खरीद का समय बढ़ा है। अभी भी करीब 30 हजार एकड़ में धान की फसल पड़ी है। किसानों से कृषि अधिकारी लगातार संपर्क कर रहे हैं और उनको पराली प्रबंधन के लिए जागरूक कर रहे हैं। जहां पराली जल रही है, उन किसानों के खिलाफ केस दर्ज करवाए जा रहे हैं।
-डॉ. राजेश सिहाग, उप कृषि निदेशक, फतेहाबाद।