किसानों को पराली जलाने से मना करने गए दो वाहन चालकों को ग्रामीणों ने घेर लिया और उन्होंने माफी मांगकर ही पीछा छुड़ाया। मामला हरियाणा के फतेहाबाद जिले में रतिया कस्बे के निकटवर्ती गांव बाड़ा का है। किसानों को पराली जलाने से मना करने गए दो वाहन चालकों के साथ पराली के मुद्दे पर ग्रामीणों ने तकरार शुरू कर दी। ग्रामीणों के सवालों का उक्त वाहन चालक कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दे पाए। इससे किसानों व ग्रामीणों का रोष बढ़ गया।
मामला बढ़ता देख दोनों वाहन चालकों ने पराली न जलाने का प्रचार करने पर ग्रामीणों से माफी मांगी और गांव के एक धार्मिक स्थल के सामने मत्था टेक अपनी गलती मान दोबारा ऐसा न करने की शपथ भी खाई। इसके बाद ग्रामीणों ने वाहन चालकों को छोड़ दिया। रतिया कृषि विभाग के अधिकारियों ने उक्त कर्मचारी अपने विभाग के होने से इंकार किया है। वहीं पुलिस द्वारा भी इस मामले में कोई शिकायत न आने की बात कही जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के किसानों और ग्रामीणों ने इस मुद्दे को लेकर कृषि विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि कृषि विभाग उन पर पराली न जलाने के लिए दबाव बना रहा है, जबकि कृषि विभाग द्वारा किसानों की कोई मदद नहीं की जा रही है और ना ही उन्हें यंत्र उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। जो यंत्र कृषि विभाग देना चाहता है, वह लाखों रुपए के हैं, जिसे किसान नहीं खरीद पाता।
कृषि विभाग के एडीओ सुखविंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग की तरफ से गांव में जागरूकता फैलाने के लिए कोई वाहन नहीं भेजे जा रहे हैं। वही रतिया शहर के थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह व सदर थानाध्यक्ष रुपेश चौधरी से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऐसी घटना के बारे में कोई शिकायत अभी तक नहीं आई है।