फतेहाबाद के कुलां क्षेत्र में खेत में जलती हुई पराली
फतेहाबाद। पंजाब और फतेहाबाद में लगातार जल रही पराली के कारण पूरे दिन धुएं की परत बनी रहती है। रविवार को भी आसमान में धुआं ही धुआं नजर आया। वहीं रविवार को हरसेक ने आगजनी की रिकाॅर्ड 36 लोकेशन भेजी। धुएं के कारण जहां लोगों को गले में खराश और आंखों की जलन की शिकायत रही। वहीं अब लोगों ने मास्क लगाना शुरू कर दिया है। धुएं के कारण सबसे अधिक दिक्कत सांस के रोगियों को आ रही है। फतेहाबाद में रविवार को एक्यूआई का स्तर पर 466 दर्ज किया गया।
गेहूं की बिजाई का सीजन नजदीक आते ही किसानों ने पराली जलाने की रफ्तार में तेजी ला दी है। अब से पहले जिले में 24 स्थानों पर अधिकतम पराली जलाने के मामले सामने आए थे, लेकिन रविवार को यह आंकड़ा 36 तक पहुंच गया। लोगों के घरों के अंदर तक धुआं ही धुआं दिखाई दे रहा था। फतेहाबाद में आगजनी की सबसे अधिक लोकेशन रतिया में आई हैं। यहां पर 18 स्थानों पर आगजनी की लोकेशन आई है।
इसके अलावा फतेहाबाद में तीन, टोहाना में नौ, भूना में दो व जाखल में चार स्थानों पर आगजनी की लोकेशन हरसेक ने कृषि विभाग को भेजी है। अब तक हरसेक की ओर से जिले में 296 स्थानों पर आगजनी की लोकेशन भेजी है और इनमें से 72 स्थानों पर सूचना फेक पाई गई है। इसके अलावा कृषि विभाग को दूसरे स्रोतों से भी 27 शिकायतें मिली हैं। मौसम विभाग के अनुसार अभी 10 नवंबर तक मौसम खुश्क रहेगा और प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इसके बाद हवा चलने से कुछ राहत मिलेगी। इस बीच पश्चिमी विक्षोभ के चलते बादलवाही रहेगी और ठंड अधिक बढ़ेगी।
जिले में जल रही पराली को लेकर फतेहाबाद में एक्यूआई का स्तर पर भी 400 के पार चल रहा है। शनिवार को भी एक्यूआई का स्तर पर 480 पर पहुंच गया था, वहीं रविवार को भी एक्यूआई का स्तर 466 रहा। दिनभर धुआं छाए रहने के कारण लोगों को आंखों में जलन के साथ-साथ गले में खराश व खांसी की शिकायतें भी आने लगी हैं। दमा रोगियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। नागरिक अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में दमा रोगियों की तादाद बढ़ने लगी है।
जिले में एक्यूआई का दिनभर का स्तर
दोपहर 3 बजे - 448
दोपहर 2 बजे -457
दोपहर 1 बजे -466
दोपहर 12 बजे -466
दोपहर 11 बजे - 457
जिले में पराली जलाने के मामले इस बार कम आ रहे हैं। हरसेक ने 296 स्थानों पर आगजनी की लोकेशन भेजी है, जिसमें से 72 लोकेशन फेक पाई गईं। वहीं अब तक पराली जलाने वाले 140 किसानों को तीन लाख 57 हजार 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए फतेहाबाद।