ग्रामीणों का आरोप था कि बनमंदौरी के सरपंच चुनाव में हेरा-फेरी की गई है और इसमें जिला प्रशासन के कर्मचारी भी शामिल हैं।
ग्रामीणों ने तो यहां तक कहा कि उन्होंने डीसी एनके सोलंकी से फोन पर बात की थी, उस वक्त उन्होंने ग्रामीणों को फतेहाबाद आकर सारी बात बताने को कहा था लेकिन रविवार रात को जब ग्रामीण डीसी निवास पर पहुंचे तो जवाब मिला कि डीसी चंडीगढ़ गए हैं।
इस बात से गुस्साए ग्रामीणों ने लघु सचिवालय के बाहर नेशनल हाईवे पर जाम लगाने का भी प्रयास किया लेकिन बुजुर्ग ग्रामीणों की सलाह पर जाम लगाने का फैसला टाल दिया।
मिली जानकारी के अनुसार भट्टू ब्लॉक के गांव बनमंदौरी में सरपंच पद के लिए चार उम्मीदवार मैदान में थे। ग्रामीणों का आरोप है कि रविवार शाम को मतदान के बाद बूथ पर मौजूद चुनाव अधिकारियों ने चार में तीन उम्मीदवारों सुभाष चंद्र, भरत सिंह, सुरेश दहिया को मतगणना कक्ष से बाहर निकाल दिया।
इसके बाद चौथे उम्मीदवार सुरेन्द्र उर्फ मोहन को विजयी घोषित कर दिया। ग्रामीणों का ये भी आरोप है कि उक्त चौथे उम्मीदवार को चुनाव अधिकारियों ने चोरी-चोरी पिछले दरवाजे से बाहर भिजवा दिया।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे गांव बनमंदौरी में दोबारा से चुनाव चाहते हैं। दोबारा मतदान की मांग ही उन्होंने अफसरों के सामने रखनी थी लेकिन अधिकारियों के ना मिलने की सूरत में ग्रामीणों ने एसडीएम संत लाल पचार के निवास पर जाकर उनसे बात करने के लिए कूच कर दिया।
भारी संख्या में ग्रामीणों के एसडीएम आवास की ओर आने की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पुलिस ने एसडीएम आवास की सुरक्षा बढ़ा दी। समाचार लिखे जाने तक सदर और सिटी एसएचओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात थे।