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शांतिपूर्ण रहा बिजली कर्मियों की हड़ताल का पहला दिन

Thu, 30 Jun 2016 12:30 AM IST
fatehabad
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नारेबाजी करते हुए बिजली कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी पॉवर के आह्वान पर प्रदेश में 23 सब डिवीजनों को निजी हाथों में देने और कच्चे कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के विरोध में बिजली कर्मचारियों करी हड़ताल का पहला दिन शांतिपूर्ण रहा। निगम प्रशासन द्वारा कोर्ट से स्टे लेने के बाद हड़ताली कर्मचारियों ने निगम परिसर से 200 मीटर दूर मार्केट कमेटी शेड के नीचे एकत्रित होकर धरना दिया। गुस्साए कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी भी की। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को फतेहाबाद के अन्य विभागों रोडवेज, अध्यापक संघ, पशुपालन, नगरपालिका, आईटीआई, पब्लिक हेल्थ, पटवार और कानूनगो, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, एसएफआई, खेत मजदूर यूनियन, किसानसभा, नागरिक अधिकारी मंच, सीआईटीयू सहित अनेक जनसंगठनों ने भी समर्थन दिया।

446 पक्के और 263 कच्चे कर्मचारी हुए हड़ताल में शामिल, ठेके के कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा
 29 और 30 जून की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन फतेहाबाद यूनिट में कुल 480 रेगुलर कर्मचारी है। इनमें से 446 कर्मचारी वहीं 302 कच्चे कर्मचारियों में से 263 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। फतेहाबाद यूनिट में अधिकतर कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने की वजह से निगम की ओर इस विशेष तौर पर बुलाए गए ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। हालांकि फतेहाबाद यूनिट में बिजली की कोई बड़ी समस्या न आने के कारण हड़ताल के बावजूद जनजीवन सामान्य रहा।
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इन जगहों पर बिजली हुई बाधित, परेशानी
 लघु सचिवालय के ट्रांसफार्मर की तार में खराबी आई, लेकिन उसे 20 मिनट में ठीक करवा लिया गया। इस तरह ढाणी छतरियां में भी भी ट्रांसफार्मर की केबल एवं जंपर दोनों खराब हो गए। टोहाना में अस्पताल में बिजली की आंख मिचौनी चलती रही। इसके कारण एक्सरे एवं लैब पर असर पड़ा। एक दो और गांवों में फेस उड़ने की समस्या सामने आई, जिसे अनुबंधित कर्मचारियों ने ठीक कर दिया।

सरकार पर बरसे कर्मचारी नेता
बुधवार को प्रदर्शन की अध्यक्षता एचएसइबी यूनियन के यूनिट प्रधान फकीरचंद सैनी ने और संचालन यूनिट सचिव प्रदीप यादव ने किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए राज्य सचिव अजय वशिष्ठ ने कहा कि सरकार एस्मा लगाकर बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को दबाना चाहती थी।

कच्चे कर्मचारियों को नौकरी का डर दिखाकर हड़ताल से बाहर करना चाहती थी, परंतु सरकार के तमाम तानाशाही प्रयास के बाद भी बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल में जाकर अपनी मजबूत एकता का परिचय दिया। प्रदेश सरकार को दिखा दिया कि आज बिजली कर्मचारी जनता की मांगों को लेकर निजीकरण के खिलाफ लड़ रहे हैं। वे किसी भी कीमत में इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिन 23 उपमंडलों को बेचने अर्थात अपने चहेतों को देने का फैसला किया है, वो जनता और कर्मचारी विरोधी है, क्योंकि ये सारे उपमंडल मुनाफे वाले हैं। यहां पर कोई लाइन लॉस नहीं है और न ही कोई घाटा है। बल्कि पूरे बिजली निगम की 40 प्रतिशत आय इन्हीं दफ्तरों से आ रही है।

सुरक्षा के रहे पुख्ता प्रबंध,
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर पहले ही सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध जिले के प्रत्येक सबस्टेशन पर कर दिए गए थे। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार मंगलवार देर सांय ही जिले के सभी सब स्टेशनों पर पुलिस कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया था। समैण, कन्हड़ी और कई अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के और भी पुख्ता प्रबंध किए गए थे। हड़ताल की गंभीरता को देखते हुए एसपी ओपी नरवाल खुद जिले भर में पल-पल का अपडेट लेते रहे।

रतिया में भी दिखा व्यापक असर, एक दर्जन बिजली घरों के कर्मचारी रहे हड़ताल पर
 23 सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का रतिया सब डिवीजन में व्यापक असर देखने को मिला। रतिया खंड के करीबन एक दर्जन बिजली घरों पर अधिकतर बिजली कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हालांकि बिजली बोर्ड अधिकारियों और प्रशासन के प्रयासों से कच्चे बिजली कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात रहे, जिस कारण बिजली व्यवस्था में कोई दिक्कत नहीं आई। सुरक्षा की दृष्टि से एएसपी गंगा राम पूनियां ,चौकी इन्चार्ज ओम प्रकाश बिल्लू लगातार बिजली घरों के चक्कर लगाते रहे।

        रतिया में हड़ताल की अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान खुर्शीद ने की जबकि संचालन मलकीत सिंह ने किया। मुख्य वक्ता के रुप में पहुंचे अमित शर्मा ने सरकार की नीतियों की निंदा करते हुए कहा कि बिजली कर्मचारी लगातार 23 सब डिवीजनों के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं परंतु सरकार हठधर्मिता अपना रही है।


हड़ताल को समर्थन देने वालों में देहाती मजूदर सभा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, शहीद भगत सिंह नौजवान सभा, नागरिक अधिकार मंच, छात्र संगठन, भवन निर्माण संघ, अखिल भारतीय किसान सभा आदि शामिल थे। विभिन्न संगठनों के नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार कच्चे कर्मचारियों का शोषण बंद करे और कच्चे कर्मचारियों को बहाल करे। 23 सब डिवीजनों के निजीकरण के फैसले को वापस ले। इस मौके पर कामरेड रामचंद्र सहनाल, बलदेव सिंह, जंगीर सिंह, सतपाल भड़ौलांवाली, जगतार सिंह, तजिंद्र थिंद, रविदत्त शर्मा, नरेश रोहिल्ला, छत्रपाल नथवान सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

टोहाना में विरोध प्रदर्शन और हड़ताल
 बिजली विभाग की यूनिट और सब यूनिट स्तर के सैकड़ों कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन धरना प्रदर्शन कर रोष जताया। इस दौरान उन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस प्रदर्शन का सर्वकर्मचारी संघ और हरियाणा कर्मचारी महासंघ, इनेलो, कांग्रेस व आप पार्टी, भट्टा मजदूर यूनियन, सीटू, किसान यूनियन ने भी समर्थन दिया। हड़ताल एवं धरने की अध्यक्षता हरियाणा कर्मचारी महासंघ के सचिव पवन सैनी और सर्वकर्मचारी संघ के ब्लाक प्रधान राजेश कन्हड़ी ने की। मंच संचालन सुभाष शर्मा ने किया।  इस अवसर पर अध्यापक संघ से हरपाल सिंह, कृष्ण नैन, केडी शर्मा, सिंचाई विभाग से बीरबल, राजकुमार, जनस्वास्थ्य विभाग से सुरेश, कृष्ण सचदेवा, भागचंद शर्मा आदि उपस्थित थे।
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टोहाना अस्पताल में दिखा हड़ताल का असर
बिजली कर्मियों की हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके साथ आए लोगों को बिजली न होने के कारण अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली की आंख मिचौली के चलते एक्सरे मशीन और लैब में कार्य बाधित रहा।
 
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