मर्ज किए गए प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के स्टाफ को मिला डीडीओ
जिले में 9 मिडिल स्कूलों को शिक्षा विभाग ने किया था मर्ज, डीडीओ होगा सबसे बड़े विद्यालय का मुखिया
फोटो नंबर 22
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। शिक्षा विभाग द्वारा पिछले दिनों मर्ज किए विद्यालयों में डीडीओ पावर को लेकर असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है। मर्ज किए गए प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के स्टाफ को डीडीओ (आहरण एवं संवितरण अधिकारी) मिला हैं। अब इन स्कूलों के स्टाफ को वेतन और वित्तीय लाभ मिल सकेंगे। इसको लेकर शिक्षा विभाग निदेशालय ने पत्र जारी कर दिया है।
जारी किए गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि मर्ज किए गए विद्यालयों के स्टाफ का वेतन सबसे बड़े विद्यालय में मर्ज किए गए विद्यालय के मुखिया द्वारा ही दिया जाएगा। मर्ज किए गए विद्यालयों का स्टाफ सबसे बड़े विद्यालय का स्टाफ माना जाएगा। शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर ड्राइव के दौरान जिले के 9 स्कूलों को साथ लगते बड़े स्कूल में मर्ज कर दिया था। करीब एक माह पहले इन स्कूलों को मर्ज किया गया। ट्रांसफर ड्राइव के दौरान मिडिल स्कूलों में पुराना स्टाफ ट्रांसफर हो गया और अब नया स्टाफ आ गया था। लेकिन वेतन और अन्य वित्तीय लाभ को लेकर डीडीओ पावर किसके पास होगी, ये स्पष्ट नही किया था। इसके चलते शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
इन विद्यालयों को किया गया था मर्ज
राजकीय मिडिल स्कूल बनगांव
राजकीय मिडिल स्कूल ढिंगसरा
राजकीय मिडिल स्कूल अहरवां
राजकीय मिडिल स्कूल समैन
राजकीय मिडिल स्कूल कंहड़ी
राजकीय मिडिल स्कूल जमालपुर
राजकीय मिडिल स्कूल दहमान
राजकीय मिडिल स्कूल चौबारा
कोट
कोट
विद्यालयों के आहरण एवं वितरण शक्तियों पर भविष्य में भी शीघ्र पत्र जारी होने चाहिए ताकि कर्मचारियों को समय पर वेतन और वित्तीय लाभ मिल सकें। संघ की तरफ से इसको लेकर मुद्दा उठाया गया था, जिस पर निदेशालय ने संज्ञान लेते हुए औपचारिक पत्र जारी किया है।
-देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
कोट
जो विद्यालय मर्ज किए गए थे, उनके डीडीओ पावर को लेकर निदेशालय ने पत्र जारी कर दिया है। मर्ज स्कूल का स्टाफ सबसे बड़े विद्यालय का स्टाफ माना जाएगा और वहां का मुखिया ही इनका वेतन जारी करेगा।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी