फतेहाबाद में पदभार संभालने के बाद से रतिया इलाके में लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रहे एसपी ओपी नरवाल ने शुक्रवार को इस संदर्भ में एक बड़ा बयान दिया। गांव चिम्मों एवं चंदो में नशा के खिलाफ आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि रतिया इलाके में नशे की तस्करी में छोटे से पुलिसकर्मी से लेकर बड़े अधिकारी तक, अगर किसी की मिलीभगत पाई गई तो वह खुद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। एसपी नरवाल इससे पहले भी रतिया और टोहाना के कई गांवों में भी नशे के खिलाफ कई सम्मेलनों में शिरकत कर चुके हैं, लेकिन ऐसा बयान पहली बार ही दिया।
गौरतलब है कि बीते दिनों फतेहाबाद में कष्ट निवारण समिति की बैठक में नशे पर लगाम लगाने को लेकर ही स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज एवं तत्कालीन पुलिस कप्तान संगीता कालिया के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद अगले ही दिन संगीता कालिया का तबादला कर दिया गया। कालिया की जगह पुलिस कप्तान ओपी नरवाल ने पहले ही दिन से नशे के खिलाफ अपना फोकस रखा। इसी कड़ी में वे रतिया के विभिन्न गांवों में नशा मुक्ति जागरूकता कैंप लगाकर ग्रामीणों से रूबरू हो रहे हैं।
शुक्रवार को गांव चिम्मों में उन्होंने यह भी कहा कि अगर समाज में सामाजिक ताना-बाना मजबूत बनाना है तो युवा पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाने वाले शरारती तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करना होगा। तभी हम युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि चंद लोग ही पैसों के लालच में हमारे युवाओं को खराब करने पर तुले हुए हैं और ऐसे चंद लोगों का हमें मिल कर मुकाबला करना होगा। एसपी ने कहा कि अगर उनके क्षेत्र में कोई भी नशा आदि सप्लाई करता है तो उसकी सूचना अवश्य पुलिस को दें और सूचना देने वाले का नाम भी गुप्त रखा जाएगा। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीणों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को लेकर विशेष आह्वान किया। इस अवसर पर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार के अलावा निवर्तमान सरपंच कुलदीप सिंह, करनैल सिंह, घासवा के सरपंच गुरदीप सिंह, कर्मजीत सिंह नंबरदार, बिन्द्र सिंह, गुरचरण सिंह, चमकौर सिंह, पूर्व सरपंच नवनीत कुमार आदि उपस्थित रहे।