फतेहाबाद। तंबाकू के स्वास्थ्य पर जानलेवा खतरा के बावजूद लोग इसके आदी हो रहे हैं। युवाओं को पारिवारिक कारण सबसे ज्यादा तंबाकू का आदी बना रहे हैं। घर पर अगर बड़े हुक्का पी रहे या बीड़ी-सिगरेट पी रहे हैं तो उन्हें देखकर युवा भी सीख रहे हैं। ये ही नहीं तनाव भी इसका सबसे बड़ा कारण बन रहा है। तनाव कम करने के लिए भी तंबाकू ले रहे हैं। इसका खुलासा टीसीसी यानि तंबाकू निषेध केंद्र में उपचार करवाने आए मरीजों की काउंसिलिंग में सामने आया है।
तंबाकू निषेध केंद्र में इस साल पांच माह में 231 मरीज आए हैं। इसमें 230 मरीजों की काउंसिलिंग की गई है। इन मरीजों में 230 पुरुष और एक ट्रांसजेंडर शामिल है। काउंसिलिंग के बाद इन मरीजों की दवाई शुरू की गई है। डॉक्टरों के मुताबिक जांच के दौरान पांच मरीजों में ओरल कैंसर मिला है।
उप सिविल सर्जन मेजर डॉ. शरद तुली का कहना है कि तंबाकू से ओरल कैंसर का खतरा बढ़ता है। इस साल ओपीडी में पांच केस मिल चुके हैं। पायरिया का खतरा बढ़ जाता है। फेफड़े कमजोर हो जाते हैं इस कारण सांस लेने में दिक्कत होती है। स्मोकिंग से गर्भ में पल रहे शिशु पर असर पड़ता है। गर्भ में शिशु स्मोकिंग के कारण कई बीमारियों की चपेट में आ जाता है।
जिले के इन क्षेत्रों में ये काटे गए चालान और किया गया जुर्माना
क्षेत्र चालान जुर्माना
फतेहाबाद 37 1950
रतिया 5 200
जाखल 5 100
टोहाना 4 500
भूना 4 200
बड़ोपल 6 200
भट्टूकलां 15 850
कुल चालान 76 4000
सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान पर मात्र 50 रुपये जुर्माना
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान रोकने में स्वास्थ्य विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है। पांच माह में मात्र 76 चालान काटकर मात्र 4000 रुपये जुर्माना किया गया है। औसत 50 रुपये जुर्माना किया है। टोहाना-भूना में मात्र चार-चार चालान ही काटे गए है। जाखल में पांच चालान काटे गए लेकिन जुर्माना मात्र 100 रुपये किया गया है।
ई सिगरेट का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि युवा अब ई सिगरेट की तरफ जा रहे है। ई सिगरेट में निकोटिन होता है जो कि सामान्य सिगरेट की ज्यादा गुना खतरनाक है। इसको लेकर विभाग अभियान चलाएगा और बेचने वाले दुकानों पर कार्रवाई होगी।
कोट
तंबाकू स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। तंबाकू निषेध केंद्र में मरीजों की काउंसिलिंग की जा रही है और उन्हें उपचार दिया जा रहा है। एक जुलाई से स्कूलों के आसपास अभियान चलाया जाएगा और अगर कोई दुकानदार बेचता हुआ मिलता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। जिले को तंबाकू मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
-मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन