फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खराब मौसम के बीच छाया रहा स्मॉग, न्यूनतम तापमान पहुंचा 15 डिग्री

विज्ञापन
फतेहाबाद शहर की अंजलि कॉलोनी में सुबह छाया स्मॉग। - फोटो : Fatehabad
विज्ञापन
फतेहाबाद। पंजाब व जिले में निरंतर पराली जलाने के चलते वीरवार को जिला स्मॉग से घिरा दिखाई दिया। मौसम खराब होने के कारण सूर्यदेव के पूरा दिन दर्शन नहीं हो पाए। दिनभर भारी स्मॉग होने के कारण लोगों को आंखों में जलन व गले में खराश की शिकायत रही। अधिक धुआं होने के कारण जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक भी 306 के स्तर पर रहा।
विज्ञापन

शहर में दिनभर वातावरण में धुआं घुला रहने के कारण शाम होने से पहले ही चालकों को अपने वाहनों की लाइटें जलाकर चलना पड़ा। स्मॉग तो जिले में पिछले कई दिनों से दिख रहा था, लेकिन वीरवार को स्मॉग अधिक रहा। जिले में पूरे दिन धुंध जैसी स्थिति बनी रही। दिनभर हवा न चलने के कारण स्मॉग में ठहराव रहा। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए और लोगों को सांस लेने में दिक्कत आई, वहीं आंखों की जलन से लोग परेशान दिखाई दिए। शाम के समय ही रात जैसा अनुभव होने लगा। जिले में वीरवार को भी हरसेक ने 18 स्थानों पर फायर लोकेशन जिला प्रशासन को भेजी है। जबकि पिछले साल इसी दिन 43 स्थानों पर पराली जली थी।
मौसम वैज्ञानिकों ने पहले ही अपने पूर्वानुमान में बताया था कि सात नवंबर से मौसम में बदलाव दिखेगा और आसमान में बादल छाएंगे और 11 नवंबर तक यही हाल रहेगा। इसके बाद हवाओं का रुख उत्तर पूर्वी से पश्चिमी हो सकता है। जिससे रात्रि के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
विज्ञापन

एक्यूआई 306 पर पहुंचा, रात का पारा गिरा
फतेहाबाद में स्मॉग की वजह सेे वायु गुणवत्ता सूचकांक भी 306 के स्तर पर पहुंच गया। मौसम में बदलाव के चलते पारे में भी कमी आई है। रात का तापमान दिनोंदिन कम हो रहा है। वीरवार को अधिकतम तापमान जहां 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 15 डिग्री रहा।
मोर्निंग वॉक से करें परहेज
आबोहवा खराब होने के साथ फेफड़ों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होने लगी है। स्वास्थ्य विभाग के हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार जिस एरिया में स्मॉग ज्यादा रहे, वहां मॉर्निंग वॉक पर भी न जाएं। सांस के साथ प्रदूषण शरीर में जाएगा तो इससे स्वास्थ्य बिगड़ेगा। खूब पानी पीना चाहिए।
-डॉ. मुनीष टुटेजा, छाती रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल।
जिले में पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है। वीरवार को हरसेक की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 18 स्थानों पर फायर लोकेशन आई है, जबकि पिछलेे साल इसी दिन 43 स्थानों की लोकेशन आई थी। किसानों ने इस बार पराली प्रबंधन की ओर अधिक ध्यान दिया है।
विज्ञापन

-भीम सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग, फतेहाबाद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें