फतेहाबाद। भूना के अलावा कई गांव में हालात खराब हैं और लोग जलभराव से जूझ रहे हैं। गांवों में सिंचाई विभाग की ओर से लगातार पानी निकाला जा रहा है और रतिया क्षेत्र के लगभग सभी गांवों से पानी निकाल दिया गया है। फतेहाबाद व भट्टूकलां क्षेत्र के सेमग्रस्त गांवों में अभी भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। विधायक दुड़ाराम का गांव एमपी रोही भी जलभराव से ग्रस्त है। शुक्रवार को दो गांवों के लोग लघु सचिवालय पहुंचे और बारिश के पानी के कारण उनके मकान गिरने व क्षतिग्रस्त होने का मुआवजा मांगा।
24 सितंबर को जिले में हुई भारी बारिश के कारण भूना ही नहीं बल्कि जिले के 27 गांव भी सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में हालात यह है कि अभी तक यहां से पानी नहीं निकल पाया है। ढाणियां पानी में डूबी हुई है और कई मकान भी गिर गए हैं। सेमग्रस्त इलाकों गांव बड़ोपल, बनगांव, शेखुपुर, ठुईयां, कुम्हारिया, एमपी सोतर, शेखुपुर दड़ौली व बड़ोपल में सबसे अधिक नाजुक हालात हैं। विधायक दुड़ाराम के पैतृक गांव एमपी रोही से पानी नहीं निकल पाया है और विधायक दो बार गांव का दौरा कर चुके हैं।
रतिया में दो गांवों में बचा पानी
रतिया क्षेत्र में इस बार बारिश के कारण करीब 20 गांवों में भारी जलभराव हुआ था। यहां रंगोई नाला होने के कारण सिंचाई विभाग ने 18 गांवों से पानी निकालकर रंगोई नाले में डाला है। यहां पर मात्र दो गांवों में पानी बचा है।
नहरों व ड्रेन बनाकर पानी निकालने का किया जा रहा प्रयास
गांवों से पानी निकालने में सिंचाई विभाग के सामने बड़ी समस्या यह है कि जोहड़ों के ओवरफ्लो होने व खेतों में पानी भरा होने के कारण गांवों से पानी निकालने के लिए कोई खाली जगह नहीं मिल रही है। गांवों से पानी निकालने के लिए नहरों का सहारा लिया जा रहा है। जहां नहर नजदीक नहीं है, वहां ड्रेनेज खोदकर पानी को नहरों तक पहुंचाया जा रहा है। गांव एमपी रोही में सिंचाई विभाग ने ड्रेन की सफाई करके उसमें पानी डालना शुरू कर दिया है।
दो गांवों के ग्रामीण पहुंचे लघु सचिवालय
फतेहाबाद। बारिश के कारण गांवों में मकान गिरने व उनमें दरारें आने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को गांव भिरडाना व खुंबर के ग्रामीण डीसी से मिलने आए। इनलोगों ने मकान गिरने व क्षतिग्रस्त होने का मुआवजा मांगा। भिरडाना के ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे दीपक भिरडाना ने बताया कि उनके गांव में पिछले दिनों हुई बारिश के कारण हालात बदतर हो गए हैं। हालांकि प्रशासन ने पानी निकाल दिया है, लेकिन बारिश की वजह से गांव के करीब 150 मकान या तो गिर चुके हैं या फिर उनमें दरारें आ गई हैं। इन मकान मालिकों को खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा है और जर्जर मकानों के गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं गांव खुंबर के ग्रामीण भी आज डीसी से मिलने के लिए लघु सचिवालय पहुंचे। गांव के पूर्व सरपंच सतबीर सिंह ने बताया कि गांव में जोहड़ के पास रहने वाले लोगों के करीब 35 मकान गिर गए हैं, जिस कारण इन लोगों के सामने काफी परेशानियां आ रही हैं। डीसी के नहीं होने पर नायब तहसीलदार राजेश कुमार ने उनका ज्ञापन लिया।
कोट
सबसे अधिक प्रभाव जिले के 27 गांवों में है। इसके अलावा अन्य गांवों में भी जलभराव की परेशानी आई थी। इन गांवों में 86 पंपसेट लगाए गए हैं। रतिया क्षेत्र के गांवों में लगभग पानी निकाल दिया गया है। सेम एरिया में थोड़ी परेशानी आ रही है, जिसका समाधान किया जा रहा है। जिस गांव में डिमांड आती है, वहां पर पंपसेट भेजे जा रहे हैं। सेम इलाकों में 17 इलेक्ट्रिक व आठ डीजल पंपों के सहारे पानी निकाला जा रहा है।
-मनदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग फतेहाबाद।