वकीलों के लिए पूर्व में बने हुए चैंबर :संवाद
रतिया। बार में अधिवक्ताओं की बढ़ती संख्या के मुकाबले चैंबरों की कमी बनी हुई है। इसके अलावा कोर्ट परिसर और मिनी सचिवालय के पास होने के बावजूद बैंक शाखा, एटीएम और स्थायी बस स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। बार पदाधिकारियों के अनुसार इन समस्याओं के समाधान की मांग कई बार प्रशासन के समक्ष रखी जा चुकी है।
बार प्रधान वेद कंबोज ने बताया कि वर्तमान में बार में 478 अधिवक्ता हैं जबकि चैंबर केवल 66 हैं। अधिवक्ताओं की संख्या बढ़ने के कारण चैंबरों का विस्तार जरूरी है। सुविधाओं के अभाव में अधिवक्ताओं और आमजन को रोजाना परेशानी होती है। बार ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि चैंबरों का विस्तार कर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। संवाद
लंबे समय से नए चैंबरों की मांग की जा रही है। मुवक्किल से गोपनीय चर्चा और केस की तैयारी के लिए सुरक्षित स्थान जरूरी है। बार के पास बस स्टैंड भी होना चाहिए।
- अमृतपाल सिंह, अधिवक्ता
अधिवक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन चैंबर कम हैं। दो-दो अधिवक्ताओं को एक चैंबर देना पड़ रहा है। 300 से अधिक अधिवक्ता खुले में काम कर रहे हैं।
- हरपाल ग्रोहा, पूर्व प्रधान
बार में बैंक शाखा और एटीएम की सुविधा नहीं है। स्थायी बस स्टैंड का अभाव भी परेशानी बढ़ाता है। प्रशासन को चैंबरों का विस्तार कर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए।
- वेद कंबोज, रतिया बार प्रधान