फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में मरम्मत कार्य के चलते जच्चा-बच्चा वार्ड में बेड की कमी के कारण नई व्यवस्था लागू की गई है। अब प्रसूताओं को प्रसव के बाद चिकित्सकीय रूप से स्थिर होते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर रेफर किया जाएगा। अस्पताल में रोजाना औसतन आठ से दस प्रसव होती हैं। सिविल सर्जन ने यह व्यवस्था बनाने के लिए सीएचसी को पत्र लिखा है।
लोक निर्माण विभाग को 15 दिन में अस्पताल में जच्चा-बच्चा वार्ड तैयार करके देना था लेकिन एक माह बीतने के बाद भी यह तैयार नहीं हो पाया है। मरम्मत कार्य के चलते वार्ड में बेड की संख्या सीमित हो गई है। सिविल सर्जन ने इस संबंध में सभी संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को पत्र लिखा है।
पत्र में प्रसूताओं को प्रसव के बाद आवश्यक देखभाल के लिए सीएचसी पर भेजने का निर्देश दिए गए हैं। नॉर्मल प्रसव के बाद तीन दिन तक जच्चा-बच्चा को अस्पताल में रखना जरूरी होता है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी।
सीएचसी से प्रसव के लिए मरीज को नागरिक अस्पताल रेफर किया जाता है और अब यहां प्रसव के बाद मरीज को सीएचसी पर देखभाल के लिए जाना होगा। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद सीएचसी भट्टूकलां, भूना, भूथनकलां, बड़ोपल से मरीज पहुंचते हैं।
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शिविर में गर्भवती की हुई जांच
नागरिक अस्पताल में मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर लगाया गया। शिविर में गर्भवती का पंजीकरण किया गया और जांच की गई। जांच में उच्च जोखिम श्रेणी के लिए गर्भवती चिह्नित की गई और एहतियात बरतने का परामर्श दिया गया।
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नागरिक अस्पताल में जच्चा-बच्चा वार्ड में मरम्मत कार्य चल रहा है। इसके चलते अस्थायी रूप से गैलरी व अन्य कक्षों में व्यवस्था की गई है। लेकिन प्रसव ज्यादा होने के कारण बेड की संख्या कम है। मरीज के स्थिर होने पर उन्हें संबंधित सीएचसी पर रेफर किया जाएगा। इस बारे में संबंधित सीएचसी को व्यवस्था बनाने के लिए पत्र लिखा गया है।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन