फतेहाबाद। प्राइमरी स्कूल में ऐसी एक्टिविटी करवाना कि छात्र खुद कहें कि उन्हें तो पढ़ना है। खेल-खेल में पढ़ाने और खुद दिन-रात मेहनत करके स्कूल की सूरत बदलने में माहिर राजकीय प्राइमरी स्कूल धिड़ के मुख्य शिक्षक सेवा सिंह मुवाल को शिक्षा विभाग शिक्षक दिवस पर राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेगा। जिले से एक मात्र शिक्षक सेवा सिंह मुवाल का राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।
जिले में अब तक करीब 11 शिक्षक इस सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं। इसमें शिक्षिका वीना भ्याणा और सुंदरदास धमीजा ऐसे शिक्षक हैं, जो कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित हुए हैं।
स्कूल में 65 से 125 तक पहुंचाई विद्यार्थियों की संख्या
शिक्षक सेवा सिंह मुवाल गांव धिड़ के राजकीय प्राइमरी स्कूल में मुख्य शिक्षक के पद पर तैनात हैं। सेवा सिंह मुवाल ने बताया कि शिक्षा विभाग में जेबीटी के पद पर वर्ष 2006 में ढाणी गोमाराम स्कूल में पहली नियुक्ति हुई। उन्होंने हिंदी और इतिहास में एमए भी की हुई है। इसके बाद वर्ष 2016 में गांव धिड़ के राजकीय प्राइमरी स्कूल में तबादला हुआ। यहां पर जब ज्वाइनिंग हुई तो 65 छात्र थे। सबसे पहले स्कूल का सुंदरीकरण किया और खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। इससे जागरूकता बढ़ी तो विद्यार्थियों की संख्या 125 तक पहुंच गई। उन्होंने स्कूल के सुंदरीकरण को लेकर खुद मेहनत की। 15 अगस्त या फिर 26 जनवरी का कार्यक्रम हो इसमें स्टाफ को साथ लेकर अच्छे आयोजन करवाए। स्कूल में रक्तदान शिविर भी लगवाए। खेलों को भी बढ़ावा दिया और छात्रों का चयन राज्य स्तर पर भी हुआ है। शिक्षा विभाग की योजनाओं को बढ़ावा दिया ताकि विद्यार्थियों को उसका फायदा मिल सके।
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जिले के इन शिक्षकों को मिल चुका राज्य शिक्षक पुरस्कार
- शिक्षिका वीना भ्याणा (राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित )
- शिक्षक सुंदर दास धमीजा (राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित )
- शिक्षिका ज्योति माचरा
- शिक्षक राम सिंह नायक
- शिक्षक देवेंद्र सिंह दहिया
- शिक्षक महाबीर सिंह बागोरिया
- शिक्षक राजकुमार सलेमगढ़
- शिक्षक ओमप्रकाश कादयान
- शिक्षक प्रवीन कंबोज
- शिक्षक अनूप सिंह
- शिक्षक हनुमान सिंह
शिक्षक सेवा सिंह मुवाल को ये मिलेगा सम्मान
- एक लाख रुपये नकद पुरस्कार
- एक सिल्वर मेडल
- एक प्रमाण पत्र
- एक शॉल
- दो वेतन वृद्धि
शिक्षक सेवा सिंह मुवाल पिछले कई सालों से मेहनत कर रहे हैं। जिस भी स्कूल में रहे हैं, वहां पर शैक्षणिक सुधार किए हैं। इसके अलावा स्कूल के सुंदरीकरण को भी बढ़ावा दिया है।
- दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी