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Fatehabad News: शहर की सफाई पर एक साल में सात करोड़ खर्च, फिर भी नहीं सुधरी रैंक

Sun, 12 Jan 2025 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। शहर की सफाई पर नगर परिषद हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है। लेकिन बावजूद इसके रैंक सुधरने की जगह बिगड़ रही है। वर्ष 2022 के स्वच्छता सर्वेक्षण परिणाम में फतेहाबाद की रैंक जहां 13 थी वह अगले साल 42 पर पहुंच गई।
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हालांकि वर्ष 2024 तक स्वच्छता सर्वेक्षण नहीं हुआ है। ये हालात तब है जब शहर की सफाई पर नगर परिषद हर साल सात करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च कर रही है। डोर टू डोर कचरा उठान पर ही नगर परिषद 2 करोड़ का खर्च कर रही है। इसके अलावा नगर परिषद ने 60 किलोमीटर क्षेत्र में सफाई का ठेका निजी एजेंसी को दिया हुआ है। इस पर हर माह करीब 12 लाख खर्च हो रहा है। यानी सलाना खर्च 1 करोड़ 44 लाख रुपये है।

पालिका रोल पर नगर परिषद के 109 कर्मचारी तैनात हैं। इनके वेतन पर करीब 1 करोड़ 80 रुपये खर्च हो रहे हैं। नगर परिषद में 29 स्थायी कर्मचारी तैनात हैं। इनके वेतन पर भी करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। गाड़ियों के तेल पर करीब 6 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं।
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-डस्टबिन खरीद के लिए अधिकारियों की लापरवाही

शहर में पिछले तीन साल से डस्टबिन खरीद प्रक्रिया ठंडे बस्ते में है। शहर के मुख्य बाजार, चौक-चौराहों में डस्टबिन तक नहीं है। तीन साल पहले खरीद प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन नगर परिषद अधिकारी खरीद नहीं कर पाए। नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि 100 डस्टबिन खरीदने हैं लेकिन स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिलने वाले बजट का इंतजार है।

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पिछले 6 सालों में ये रही है शहरों की रैंक

शहर 2023 2022 2021 2020 2019 2018

फतेहाबाद 42 13 27 30 177 191

टोहाना 84 21 60 26 329 289

भूना 174 116 178 105 399 172

रतिया 142 62 130 137 984 572

जाखल 375 303 552 - - -

-जिले के शहरों से निकल रहा कचरा

शहर कूड़ा निकल रहा

फतेहाबाद 35 से 40 टन

टोहाना 30 से 35 टन

रतिया 20 से 22 टन

भूना 15 से 17 टन

जाखल 10 से 12 टन



इस माह शुरू हो सकता है सर्वेक्षण

स्वच्छता सर्वेक्षण अभी तक शुरू नहीं हुआ है। उम्मीद है कि इस माह यह शुरू हो जाए। अगर शहर साफ होंगे तो इसका फायदा होगा और नंबर भी अच्छे आएंगे। लेकिन छोटी-छोटी कमियां नंबरों की कटौती कर सकती हैं। शौचालयों की सफाई न होना, समय पर कचरे का उठान न होना, गीले-सूखे को लेकर लोगों का जागरूक न होना भी वजह बन सकता है। ये ही वजह पहले बनी थी।

- शहर की सफाई को लेकर नगर परिषद पूरी तरह से गंभीर है। सीमा बढ़ने के बाद जो कॉलोनियां शामिल हुई है वहां पर भी सफाई शुरू हो गई है। लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।
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- कुमार सौरभ, सिटी इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन।
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