नगर परिषद कार्यालय में प्रॉपर्टी आईडी को लेकर अधिकारियों और प्रॉपटी डीलरों के बीच चार दिनों हुआ विवाद वीरवार रात को सुलझ गया। दोनों पक्षों के बीच उपायुक्त कार्यालय में चली करीब तीन घंटे बैठक के बाद समझौता हो गया है। दोनों पक्षों में समझौता हुआ कि नप अधिकारियों के साथ मारपीट को लेकर पुलिस में दर्ज कराया गया मामला वापस होगा। समझौते के बाद जहां नप अधिकारियों और कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। जिसके बाद प्रॉपर्टी डीलरों ने भी शुक्रवार को बाजार बंद करने का आह्वान भी वापस ले लिया।
उल्लेखनीय है कि नप अधिकारियों और प्रॉपर्टी डीलरों के बीच विवाद का मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संज्ञान लिया गया था। जिसके बाद रतिया विधायक लक्ष्मण नापा तथा भाजपा के सिरसा लोकसभा प्रभारी भारत भूषण मिढ़ा ने मध्यस्थता की। सिरसा लोकसभा प्रभारी भारत भूषण मिढ़ा ने प्रॉपर्टी डीलरों के साथ बैठक की। शाम को विधायक लक्ष्मण नापा ने भी दोनों पक्षों के साथ रेस्ट हाउस में बैठक की। विधायक के साथ हुई बैठक में दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे। इसके बाद दोनों पक्षों के 6-6 लोगों को बातचीत के लिए उपायुक्त कार्यालय में बुलाया गया।
बैठक में सिरसा लोकसभा प्रभारी भारत भूषण मिढ़ा, उपायुक्त महावीर कौशिक, एडीसी डॉ.मुनीश नागपाल तथा शहर के मौजिज लोगों की मौजूदगी में बैठक शुरू हुई। यहां पर नगर परिषद से कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक, एमई सुमित चौपड़ा, सीएसआई मुकेश शर्मा, कर्मचारी नेता रमेश तुषामड़, सतबीर सहारण तथा दूसरे पक्ष से प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के उपप्रधान गुलशन रूखाया, भीमसैन आनंद, घनश्याम आनंद , विजय निर्मोही, डीपी यादव, राजेंद्र चौधरी, सुभाष पपीया आदि शामिल हुए। शाम 6 बजे शुरू हुई बैठक रात करीब 9 बजे तक चलती रही। बैठक को लेकर लघु सचिवालय में मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। रात 9 बजे बैठक खत्म हुई, इसके बाद उपायुक्त ने दोनों पक्षों में समझौता होने की पुष्टि की। प्रॉपर्टी डीलरों ने शुक्रवार को जिले में दोपहर 12 बजे तक बाजार बंद कर ऐलान कर रखा था। इधर, नगर परिषद अधिकारी और कर्मचारी चौथे दिन भी आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर हड़ताल पर हुए थे और प्रदर्शन करके उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा भी सौंपा था।
जिले में आज बाजार बंद का किया था ऐलान
प्रॉपर्टी डीलरों ने नगर परिषद अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग और राजेंद्र चौधरी, कृष्ण नैन और पूर्व पार्षद सुभाष पपीया के खिलाफ दर्ज किए गए मामले को रद्द करवाने की मांग को लेकर शुक्रवार को सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक जिले भर में बाजार बंद का ऐलान कर रखा था। इसको लेकर फतेहाबाद में 20 संगठनों ने समर्थन भी दिया। प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के उप प्रधान गुलशन रुखाया ने बताया कि शुक्रवार को सांकेतिक तौर पर बाजार बंद का आह्वान किया था।
गिरफ्तारी को लेकर सुबह नप कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
नगर परिषद कार्यालय में एमई सुमित चौपड़ा, जेई कौशल व अन्य कर्मचारियों से मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नगर पालिका कर्मचारी यूनियन ने कार्यालय से लेकर लघुसचिवालय तक प्रदर्शन किया। सर्व कर्मचारी संघ के साथ मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। सर्व कर्मचारी संघ नई सब्जी मंडी में इकट्ठा हुआ था। इसके बाद नगर पालिका कर्मचारी यूनियन को साथ लेकर लघु सचिवालय पहुंचा।
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हड़ताल की वजह से शहर में नहीं हुई सफाई
नप अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद वीरवार को चौथे दिन भी शहर में सफाई नहीं हुई, इसके अलावा न ही डोर टू डोर कचरा उठाया गया है। हड़ताल में अधिकारियों और कर्मचारियों के शामिल होने के चलते कामकाज ठप रहा। शहर में करीब 105 टन कचरा जमा हो चुका है। डंपिंग प्वाइंटों पर ही कचरे के ढेर लग गए हैं।
ये हुआ था घटनाक्रम :
नगर परिषद कार्यालय में सोमवार दोपहर को प्रॉपर्टी आईडी को लेकर प्रॉपर्टी डीलरों व नप अधिकारियों बीच विवाद हो गया था। आपसी कहासुनी के बाद प्रॉपर्टी डीलरों ने नप के एमई सुमित चौपड़ा के साथ हाथापाई की और इसके बाद बीच बचाव करने आए जेई कौशल, कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अमित के साथ भी हाथापाई हुई थी। घटना का वीडियो भी सामने आया था। मामले में शहर पुलिस ने मारपीट के आरोप में राजेंद्र चौधरी, सुभाष पपीया तथा कृष्ण नैन के खिलाफ मामला दर्ज कर रखा है।
नगर परिषद अधिकारियों और प्रॉपर्टी डीलरों के बीच जो विवाद था उसको लेकर दोनों पक्षों की बैठक हुई है। बैठक में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। दोनों पक्षों की सहमति से इस मामले में दर्ज केस खत्म हो गया है। नगर परिषद कर्मचारी शुक्रवार को काम पर लौट आएंगे।
-महावीर कौशिक, उपायुक्त