फतेहाबाद। शहर के हुडा सेक्टर स्थित पॉलीक्लीनिक में तीन मई को टीकाकरण के बाद शिशु की हुई मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही बरतने पर आरोपी महिला एमपीएचडब्ल्यू (बहुद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता) तमन्ना पर कार्रवाई की है। सिविल सर्जन ने स्वास्थ्यकर्मी तमन्ना की सेवा समाप्त कर दी है।
स्वास्थ्यकर्मी तमन्ना अर्बन हेल्थ मिशन के तहत पॉलीक्लीनिक में तैनात थी। सेवाएं समाप्त करने को लेकर सिविल सर्जन डॉ.सपना गहलावत ने निर्देश जारी किए हैं। वहीं, इस मामले में डॉ.रमन ने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया है। डॉ.रमन की पॉलीक्लीनिक में प्रतिनियुक्ति की गई थी। घटना के दिन डयूटी पर थे।
जांच कमेटी ने टीकाकरण के दौरान मानी थी लापरवाही
सिविल सर्जन द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार टीकाकरण के बाद हुडा निवासी कबीर की हुई मौत मामले में जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने जांच रिपोर्ट में बताया था कि बहुद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता तमन्ना ने टीकाकरण के दौरान नियमों का पालन नहीं किया। जांच कमेटी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी।
एएनसी रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन का टारगेट भी नहीं किया था पूरा
सिविल सर्जन डॉ.सपना गहलावत द्वारा एमपीएचडब्ल्यू महिला को अनुबंध समाप्त करने के जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2022-2023 में एएनसी रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन का टारगेट पूरा न करने पर पत्र जारी किया गया था। दोबारा पत्र 11 अप्रैल 2023 को जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि नियमित टीकाकरण का मूल्यांकन जन्म दर के अनुसार करने पर टीकाकरण 47 प्रतिशत पाया गया। जबकि नियमित टीकाकरण 95 प्रतिशत से ज्यादा होना चाहिए था।
यूनियन पदाधिकारियों ने टीकाकरण बहिष्कार की दी चेतावनी :
शिशु की मौत मामले में शहर पुलिस ने मृतक के पिता बलवान सिंह की शिकायत पर आरोपी स्वास्थ्यकर्मी तमन्ना के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया था कि टीकाकरण से पहले बच्चा स्वस्थ था। टीकाकरण के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसे प्राथमिक उपचार भी नहीं दिया गया था। इसके अलावा मौके पर एंबुलेंस भी नहीं मिली थी।
यूनियन बोली, मामले में निष्पक्ष जांच नहीं की गई
महिला बहुउद्देेशीय स्वास्थ्यकर्मी की सेवाएं समाप्त करने पर कर्मचारी के समर्थन में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन भट्टूकलां और फतेहाबाद की आपात बैठक बुलाई गई। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि जांच कमेटी द्वारा तमन्ना के साथ अन्याय किया गया है और निष्पक्ष जांच नहीं की गई है। टीकाकरण पश्चात जब बच्चे की तबीयत खराब हुई तो तमन्ना तुरंत पॉलीक्लीनिक में मौजूद डॉक्टर को दिखाया गया। चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि तबीयत ठीक है और कोई दिक्कत नहीं है और फिर भी दिखाना चाहते हैं तो नागरिक अस्पताल ले जाएं। जबकि जांच अधिकारियों द्वारा बताया गया कि रिएक्शन रोकने के लिए इंजेक्शन नहीं लगाया गया, जबकि टीकाकरण रिएक्शन संबंधित लक्षण और उपचार की जिम्मेदारी उच्च अधिकारी की थी। अगर सेवा समाप्त का आदेश वापस नहीं लिया गया तो जिला एवं राज्य स्तर पर आंदोलन किया जाएगा और टीकाकरण संबंधित काम का बहिष्कार किया जाएगा।
सिविल सर्जन द्वारा एमपीएचडब्ल्यू फिमेल तमन्ना का अनुबंध समाप्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। डॉक्टर द्वारा पहले ही त्याग पत्र दिया जा चुका है। डॉक्टर पॉलीक्लीनिक मेंं प्रतिनियुक्त पर तैनात था।
- डॉ.हमेश बंसल, एसएमओ, पॉलीक्लीनिक