फतेहाबाद। जिले के थानों और चौकियों में मानवाधिकार और सुरक्षा के लिए कैमरे अनिवार्य किए गए हैं लेकिन हालात ऐसे है कि जिले के थानों में 36 फीसदी कैमरे चालू हालत में नहीं है। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने आरटीआई के जवाब में ये खुद माना है।
हालांकि ये भी कहा है कि कैमरों को ठीक करवाने के लिए संबंधित को सूचित कर दिया गया है। ऐसे में थानों और चौकियों में मानवाधिकार और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरटीआई एक्ट के तहत ह्यूमन राइटस प्रोटेक्शन सेल के जिला लीगल एडवाइजर गांव धारणियां निवासी एडवोकेट सुशील कुमार द्वारा मांगी गई जानकारी के जवाब में पुलिस विभाग ने कहा है कि जिले के सभी थानों में 251 कैमरे लगे हैं जिसमें 159 चालू हालत में है और 92 गैर चालू स्थिति में हैं। खराब कैमरों को ठीक करवाने के लिए संबंधित को सूचित किया जा चुका है।
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संगठन ने डीजीपी को लिखा पत्र
सूचना के अधिकार के तहत रिपोर्ट मिलने के बाद संगठन के जिला लीगल एडवाइजर एडवोकेट सुशील ने डीजीपी, एडीजीपी हिसार रेंज, उपायुक्त फतेहाबाद और पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन को पत्र लिखकर बताया कि जन सूचना अधिकारी के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया कि थानों में बड़ी संख्या में कैमरे खराब पड़े हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह तुरंत ध्यान देने योग्य है और इन कैमरों की मरम्मत या बदलाव जल्द किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का दिया हवाला
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2020 में दिए गए आदेश में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए थे कि प्रत्येक पुलिस स्टेशन में प्रवेश द्वार, लॉकअप, गलियारे, रिसेप्शन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर उन्हें हमेशा चालू रखा जाए। साथ ही कैमरों में नाइट विजन और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा होना भी आवश्यक बताया गया है। एचआरपीसी ने एसपी से मांग की है कि सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी कर कैमरों को तुरंत ठीक करवाया जाए और भविष्य में उनकी नियमित जांच व रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
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शहर के मुख्य चौकों में कैमरों पर भी फंसा है पेच
शहर में मुख्य चौकों पर कैमरे नहीं लगे हैं। इस बारे में पुलिस विभाग और नगर निकाय के बीच पेच फंसा हुआ है। नगर निकाय अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय के निर्देश हैं कि कैमरे पुलिस विभाग लगवाएगा, वहीं पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास बजट नहीं है। हालात यह है कि शहर में कोई भी वारदात होने पर प्रतिष्ठानों पर लगे कैमरों पर ही पुलिस विभाग निर्भर है।
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थानों और चौकियों में कैमरे लगे हैं। जहां भी खराब हालात में उन्हें ठीक करवाया जा रहा है और इस बारे में संबंधित को सूचित भी किया जा चुका है।
- विनोद कुमार, प्रवक्ता (एसपी)