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कोटा से लाए गए बच्चों को घर भेजना चाहते थे एसडीएम, डिप्टी सीएमओ के ऐतराज पर वापिस हुआ फैसला

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SDM wanted to send home the children brought from Kota, the decision was returned on the objection of the Deputy CMO - फोटो : Fatehabad
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एक दिन पहले ही कोटा से रेस्क्यू करके फतेहाबाद लाए गए 20 लोग प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विवाद का कारण बन गए हैं। कोटा से लाए गए लोगों में से 14 लड़कियों व महिलाओं को अनाजमंडी के पीछे स्थित श्रीराम सेवा समिति धर्मशाला में रखा गया है जबकि 6 लड़कों को अग्रवाल धर्मशाला में क्वारंटीन किया गया है। विभाग ने बीते दिन ही इन सभी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रविवार सुबह एसडीएम संजय बिश्रोई ने इन दोनों क्वारंटीन सेंटरों का निरीक्षण किया और दोनों जगहों पर कोटा से आए हुए बच्चों को देखकर उन्हें घर भेजने का फरमान सुना दिया। इसके चलते मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसकी सूचना डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हनुमान को दी।
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इसके बाद डॉ. हनुमान तुरंत क्वारंटीन सेंटर पहुंचे और उन्होंने एसडीएम को दो टूक कह दिया कि इन बच्चों के सैंपल लिए जा चुके हैं और जब तक सैंपल की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक इन बच्चों को यहां से कहीं और भेजना खतरे से खाली नहीं होगा। इसके अलावा डॉ. हनुमान ने ये भी जोड़ा कि कोरोना प्रोटोकॉल भी है कि दूसरे राज्य से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा। इसके चलते इन बच्चों को 14 दिन के लिए भी यहां पर क्वारंटीन किया जा सकता है। बाकी सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही इसमें आगे के बारे में सोचा जा सकता है। तबतक इन सभी लोगों को यहीं रहना होगा।
‘एसडीएम साहब कोटा से लाए गए बच्चों को घर भेजना चाहते थे, लेकिन मैने ऐतराज किया है। मेरे ख्याल से अगर अब इनको घर भेज दिया जाए और खुदा ना खास्ता कल इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव हो जाए तो किसकी जिम्मेदारी होगी। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद आगे का सोचेंगे। ’
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डा. हनुमान, डिप्टी सिविल सर्जन, फतेहाबाद ।
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