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Fatehabad News: एसडीएम बोले-चांदपुरा गांव में नहर किनारे तटबंध हो चुके क्षतिग्रस्त, डीसी ने कहा-तुरंत सुरक्षा बैग रखवाए जाएं

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फतेहाबाद में बाढ़ से बचाव के प्रबंधों के बारे में अ​धिकारियों से बातचीत करतीं डीसी मनदीप कौर।  
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फतेहाबाद। बरसाती मौसम और संभावित बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बुधवार को उपायुक्त मनदीप कौर ने लघु सचिवालय स्थित सभागार में बाढ़ बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों संग जिले में बाढ़ से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की गई।
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इस दौरान एसडीएम रतिया सुरेश कुमार ने जानकारी दी कि चांदपुरा गांव की नहर के किनारे स्थित तटबंध क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि वे चांदपुरा तटबंध पर तुरंत प्रभाव से सुरक्षा बैग रखवाना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने जन स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि बाढ़ बचाव के सभी जरूरी प्रबंध समय रहते पूरे किए जाएं और सभी पंप सेट पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रखें। सिंचाई विभाग को सभी ड्रेनों की सफाई कार्य शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बिजली के खुले तारों को करें दुरुस्त
उपायुक्त मनदीप कौर ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां-जहां बिजली के खुले तार हैंए उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाए। बाढ़ के दौरान जहां भी बिजली कनेक्शन की आवश्यकता पड़े तुरंत कनेक्शन देना सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की समुचित व्यवस्था करें। जिला परिषद के सीईओ को रिंग बांध पक्का करवाने व मिट्टी के बैग भरवाकर रखने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग व मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सड़कों की मरम्मत करवाना सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को संभावित बाढ़ के दौरान किसी प्रकार की कोई कठिनाई ना आए।
गुहला-चीका साइफन हेड पर पानी 45 हजार क्यूसेक पहुंचा तो बढ़ेगी चिंता
गुहला-चीका साइफन हेड पर पानी अगर 45 हजार क्यूसेक से ज्यादा होता है तो जिले में बाढ़ की चिंता बढ़ सकती है। उपायुक्त ने बताया कि अभी फिलहाल 25 हजार क्यूसेक पानी है। वर्ष 2023 में 60 हजार क्यूसेक पानी पहुंचा था तो जिले में बाढ़ आई थी। हालांकि प्रशासन सुबह और शाम को मॉनिटरिंग कर रहा है। इससे पहले वर्ष 1995 और 2010 में जिले में बाढ़ आ चुकी है।
सीएम ने बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की ली जानकारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) के माध्यम से जिला उपायुक्तों के साथ बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्षा सीजन के दौरान जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और यदि हो भी तो बारिश रुकने के कुछ ही समय बाद जल निकासी की व्यवस्था तुरंत अमल में लाई जाए।
सीएम ने कहा कि जन संवाद पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का समयबद्ध निपटान किया जाए और प्रत्येक शिकायत पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (एटीआर) बनाकर मुख्यालय को समय पर भेजें। इस अवसर पर एडीसी अनुराग ढालिया, सीईओ जिला परिषद सुरेश कुमार, डीएमसी संजय बिश्रोई, एसडीएम राजेश कुमार, प्रतीक हुड्डा, सुरेश कुमार, नगराधीश गौरव गुप्ता, डीएसपी संजय कुमार मौजूद रहे।
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