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Fatehabad News: मिठाइयों के नमूने भरे न ही लिखी जा रही उपयोग की अवधि

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फतेहाबाद में हिसार रोड ​स्थित दुकान जहां पर मिठाई के खराब होने की ति​थि को लेकर जानकारी नहीं दी
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फतेहाबाद। त्योहारों के सीजन में मिठाइयों की डिमांड भी बढ़नी शुरू हो गई है। डिमांड को पूरा करने के लिए मिठाइयों का स्टॉक होना शुरू हो चुका है। यहां तक की इसे पूरा करने के लिए गड़बड़ी भी की जा रही है। लेकिन मिलावट को रोकने के लिए एफडीए यानि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग गंभीर नहीं है। जिले में दो-दो एफएसओ होने के बावजूद मिठाइयों की सैंपलिंग जोरों पर नहीं हो रही है। यहां तक कि फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया की गाडइलाइन के अनुसार मिठाइयों पर ये तक नहीं लिखा जा रहा है कि ये कब बनी है और कब तक खाने लायक हैं। इसको लेकर बुधवार को शहर कई मिठाइयों की दुकान पर पड़ताल की गई। पड़ताल में 10 दुकानों में से सिर्फ दो दुकानों पर ही जानकारी मिली कि मिठाई कब बनी है और कब तक खाने लायक है। शहर के हिसार रोड पर पीएनबी के पास स्थित दुकान पर ट्रे में लगी मिठाइयों पर जानकारी नहीं मिली। शहर के थाना रोड पर स्थित तीन दुकानों पर जांचा गया तो यहां दो पर ही जानकारी मिली कि मिठाई कब बनी खाने लायक कब तक है। भट्टू रोड पर एक दुकान में बिना ढंकी मिठाइयां मिलीं। एक दुकानदार ने बताया कि उन्हें जानकारी ही नहीं है कि ये बताया जाना है कि मिठाई कब तक खाने लायक है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2022-23 में जिले में 206 सैंपल लिए गए थे। इसमें से 45 फीसदी सैंपल फेल मिल चुके हैं। संवाद
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वर्ष 2022-23 में लिए गए सैंपल और रिपोर्ट की स्थिति
खाद्य पदार्थों के कुल सैंपल : 206
लैब से रिपोर्ट आई : 181
सैंपल पास मिले : 99
सैंपल फेल मिले : 82
अनसेफ मिले : 6
सब स्टैंडर्ड : 27
मिस ब्रांड मिले : 49




दो एफएसओ को बांटे ग्रामीण और शहरी क्षेत्र
वेटरनरी सर्जन को एफएसओ का चार्ज दिया गया है। जिले को दो एफएसओ मिले हुए हैं, जिसमें डॉ. आजाद और डॉ. गौरव शामिल हैं। डॉ. आजाद का कहना है कि उन्हें सैंपलिंग के लिए भूना, कुलां, भट्टू क्षेत्र मिला हुआ है। इसके अलावा डॉ. गौरव को फतेहाबाद, टोहाना और रतिया क्षेत्र दिया गया है। दुकानों पर सैंपलिंग के दौरान संचालकों को जागरूक किया जाएगा कि मिठाइयों के बारे में जानकारी दें कि कब तक खाने लायक है।

जानिए कौन सी मिठाई कब तक हो सकती है खराब
2 दिन चलने वाली मिठाई : चॉकलेट कलाकंद, कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद।
3 दिन चलने वाली मिठाई : रसगुल्ला, रबड़ी, रसमलाई, मलाई रोल, खीर मोहन।
5 दिन चलने वाली मिठाई : मिलाई घेवर, मोतीचूर, पेड़ा, प्लेन बर्फी, खोया बादाम, बूंदी, नारियल बर्फी।
7 दिन चलने वाली मिठाई : काजू कतली, काजू केसर बर्फी, बालूशाही, आटा लड्डू, गुजिया, मूंग बर्फी, बेसन बर्फी।
कोट
एफएसओ अपने-अपने क्षेत्र में खाद्य पदार्थों के सैंपल ले रहे हैं। सीएम फ्लाइंग के साथ भी संयुक्त कार्रवाई हो रही है। एफएसओ को निर्देश देंगे कि वह अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग करें।
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-ओम कुमार, डीओ, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग
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