गांव समैन में खेतों में लगे ट्यूबवेल का पानी ड्रम में भरकर लाते हुए ग्रामीण।
समैन। गांव समैन में पिछले करीब दस दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों को पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है, जबकि दैनिक जरूरतें भी मुश्किल से पूरी हो रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों में पीने से लेकर कपड़े धोने व दैनिक जरूरतों के लिए पानी नहीं है। ग्रामीण रामफल, जसमेर सिंह, काला, जोशी, ओम प्रकाश, राजेश शर्मा ने बताया कि फिलहाल गांव में पीने के पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने ले लिए सुबह ही पीने के पानी की जुगत में लग जाते है। खेतों में लगे ट्यूबवेल से ड्राम भरकर पानी ला रहे है। गर्मी में उन्हें पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा। सरकार को उनकी इस समस्या की तरफ ध्यान देना चाहिए।
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टैंकों में भरा पानी फिर भी सप्लाई नहीं
गांव समैन में मुख्य जलघर में तीन टैंक बने है। शुक्रवार शाम को माइनर में पानी छोड़े जाने के बाद इन टैंकों में पानी भरा गया है लेकिन फिर भी कई क्षेत्रों में सप्लाई बहाल नहीं हुई है। इसके अलावा नांगला रोड पर बन रहे नए जलघर का अभी तक 20 फीसदी तक काम बचा हुआ है। बताया जा रहा है कि जलघर का निर्माण कर रहे ठेकेदार की करीब डेढ़ करोड़ की राशि भी अटकी हुई है। इस जलघर का निर्माण कार्य पूरा होते ही गांव में पीने के पानी की समस्या खत्म होगी।
-माइनर में पानी नहीं आने के कारण गांव में पीने के पानी की थोड़ी बहुत समस्या बनी थी। अब माइनर में पानी आने के बाद टैंकों में भर दिया गया है व सप्लाई नियमित रूप से चालू कर दी गई है।
- अजय ढुल, जेई जनस्वास्थ्य विभाग समैन सर्किल।