फतेहाबाद। लिपिकों की हड़ताल से फतेहाबाद के 10 हजार कर्मचारियों की जुलाई माह की तनख्वाह रुक गई है। लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी ही अन्य कर्मचारियों के वेतन का बिल बनाकर ट्रेजरी को पहुंचाते हैं, लेकिन जुलाई माह से चल रही लिपिकीय कर्मचारी वर्ग की हड़ताल के चलते इन कर्मचारियों का जुलाई माह का वेतन नहीं आ पाया है। अगर हड़ताल बढ़ी तो इन कर्मचारियों के अगस्त माह के वेतन पर भी तलवार लटक सकती है।
फतेहाबाद में लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी पिछले 28 दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं। हड़ताल के कारण ई-दिशा केंद्र में आरसी, डीएल के अलावा आधार कार्ड, पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, रिहायशी प्रमाण पत्र के अलावा अन्य काम रुके हुए हैं। वहीं अब दुविधा यह हो गई है कि विभिन्न कार्यालयाें में कार्यरत कर्मचारियाें का जुलाई माह का वेतन भी रुक गया है। फतेहाबाद में कार्यरत कर्मचारियों को वेतन लिपिक वर्ग ही वेतन बिल बनाकर ट्रेजरी को भेजता है, इसके बाद ही बिल पास होते हैं और कर्मचारियों को वेतन मिलता है। अमूमन एक से पांच तारीख के बीच में कर्मचारियों का वेतन आ जाता है, लेकिन इस बार वेतन बिल न बनने के कारण कर्मचारियों का जुलाई माह का वेतन अटक गया है। अगर लिपिकीय वर्ग की हड़ताल इसी प्रकार जारी रही तो अगस्त माह का वेतन भी उनको नहीं मिल पाएगा।
पांच हजार शिक्षकों सहित 10 हजार कर्मचारी परेशान
फतेहाबाद में कार्यरत पांच हजार शिक्षकों, जनस्वास्थ्य विभाग व डीसी कार्यालय में कार्यरत 10 हजार कर्मचारियाें का जुलाई माह का वेतन अटक हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित शिक्षक वर्ग के कर्मचारी हुए हैं। लिपिकीय वर्ग की हड़ताल व सरकार द्वारा वेतन का कोई प्रावधान न करने के कारण कर्मचारियों भी नाराज हैं। हरियाणा प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य चेयरमैन देवेंद्र दहिया ने कहा कि लिपिकीय वर्ग की हड़ताल को देखते हुए सरकार को वेतन के लिए अलग से प्रावधान करना चाहिए था।
कोट
लिपिकों के द्वारा ही कर्मचारियों की सेलरी स्लिप बनाकर ट्रेजरी को दी जाती है। इस बार सेलरी स्लिप नहीं बनी है, जिस कारण वेतन नहीं आ पाया है। अध्यापकों का वेतन भी रुका हुआ है।
वेद दहिया, जिला मौलिक अधिकारी, फतेहाबाद।