खाबड़ा कलां के प्राइमरी स्कूल में बैग में से निकाला गया आटा और उसमें नजर आ रहे कीड़े और लोहे के
फतेहाबाद। शिक्षा विभाग ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में मिड-डे-मील में गेहूं की जगह आटा की सप्लाई शुरू करवा दी है। लेकिन आटे की सप्लाई पहले चरण में ही विवादों में आ गई है। आटे को लेकर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। फतेहाबाद व भट्टूकलां खंड में मिड-डे-मील के लिए भेजे गए आटे में में काफी खामियां पाई गई हैं।स्कूलों को भेजे गए आटे में लोहे के जंग लगे टुकड़े व कीड़े मिले हैं। ये ही नहीं आटे का रंग भी पीला है। शिकायतें आने के बाद जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सभी बीईओ को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी है। डीईईओ ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कीमत पर खराब आटा स्कूलों में सप्लाई नहीं होने दिया जाएगा। स्कूलों में जो आटा सप्लाई हो रहा है वह बरवाला से हो रहा है। बैग पर बरवाला की उत्पादक कंपनी का नाम लिखा है। बैग पर फोटिफाइड आटा नाम दिया गया है। ये ही नहीं प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना नाम दिया गया है। संवाद
पहले स्कूलों में होता था गेहूं सप्लाई
मिड-डे-मील के लिए स्कूलों में पहले गेहूं की सप्लाई हो रही थी। लेकिन पिछले माह शिक्षा विभाग ने स्कूलों से एक-एक माह के आटा की सप्लाई की डिमांड मांगी थी। स्कूलों ने डिमांड दी थी। इसके बाद अब सप्लाई शुरू की गई है।
कोट
स्कूल में एक क्विंटल आटा की सप्लाई आई है। आटा के बैग जब खोलकर देखे तो उसमें लोहे के जंग लगे टुकड़े और कीड़े मिले हैं। आटा का रंग भी पीला है। ये सरासर गलत है और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। सप्लाई जांच के बाद ही भेजनी चाहिए। इस संबंध में बीईओ भट्टूकलां को सूचित कर दिया गया है।
-सुरेंद्र सिंह, मुख्य शिक्षक, राजकीय प्राइमरी स्कूल खाबड़कालां
कोट
फतेहाबाद और भट्टूकलां खंड में आटा की सप्लाई भेजी गई है। कई स्कूलों से शिकायत मिली है कि इसमें कीड़े हैं और क्वालिटी खराब है। स्कूलों में खराब आटा किसी भी कीमत पर सप्लाई नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में सभी बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है। खराब आटा वापस भेजा जाएगा।
- वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी