आरटीआई कार्यकर्ता विनोद मर्डर मामले में सरपंच तथा उसके बेटों के खिलाफ दर्ज हुए केस को लेकर भूना ब्लॉक की 21 गांव की पंचायतें सरपंच के पक्ष में उतर आई हैं। सोमवार को इसी मामले को लेकर सैकड़ों की संख्या में लोग लघु सचिवालय में पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग पुलिस अधीक्षक शिवचरण अत्री की गई। पुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन में 21 गांवों की पंचायतों ने संयुक्त रूप से कहा कि विनोद मर्डर मामले में सरपंच प्रभुदयाल, रमेश व बलराज को एक साजिश के तहत फंसाया गया है और मुकदमा झूठा दर्ज किया गया है। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच करके दोषियों को पकड़ा जाए।
यह था मामला:
शनिवार सुबह गांव बैजलपुर निवासी विनोद कुमार दूध लेकर वापस लौट रहा था, तभी बोलेरो गाड़ी वाले ने उसे टक्कर मारकर दी। जिसको लेकर मृतक की पत्नी ने सरपंच प्रभूदयाल ओला, बेटे रमेश व बलराज तथा मृतक के भाई सुशील व राकेश के खिलाफ हत्या करने के आरोप लगाए थे। उसने कहा था कि विनोद ने सरपंच के खिलाफ आरटीआई लगा रखी थी। जिसको लेकर 31 जुलाई को लोकायुक्त ने संबंधित अधिकारियों तथा सरपंच को दस्तावेजों के साथ तलब किया था। इसी कारण ही उक्त लोगों ने विनोद की हत्या की है। पुलिस ने इस मामले में उक्त लोगों के खिलाफ हत्या का केस भी दर्ज कर लिया था।
ये थे ज्ञापन देने वालों में:
इंद्रसिंह बैजलपुर, केसरसिहं रहन खेड़ी, जगदीश ढ़ाणी गोपाल, मंगतराम, ओमप्रकाश, रामनिवास, सुभाष, जगदीश कुमार, इंद्राज पंच, भरत सिंह, सूरजभान सरपंच कानीखेड़ा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।