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Fatehabad News: भारत बंद से रोडवेज को 9 लाख की क्षति, 3 लाख के बिजली बिल अटके

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फतेहाबाद। कर्मचारी संगठनों की भारत बंद के एलान का जिले में मिला जुला असर देखने को मिला। रोडवेज की 76 बसों का संचालन हुआ है। हालांकि यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगर परिषद के कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण फतेहाबाद शहर में कचरा उठान नहीं हो पाया। रोडवेज को शुक्रवार की हड़ताल के कारण 9 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं बिजली निगम के कैश काउंटर बंद होने के कारण तीन लाख के बिल जमा नहीं हो पाए। वहीं नगर परिषद को प्रतिदिन प्रॉपर्टी आईडी से होने वाली एक लाख की आय भी नहीं हो पाई।
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फतेहाबाद में शुक्रवार को कर्मचारी संगठनों द्वारा भारत बंद के ऐलान के चलते सभी विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने अपने-अपने विभागों के आगे धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। रोडवेज के सभी पक्के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिस कारण अधिकांश बसों का संचालन नहीं हो पाया। रोडवेज के बेड़े में 198 बसें हैं और किलोमीटर स्कीम सहित रोडवेज की 76 बसों का संचालन हो पाया। वहीं रात को लंबे रूटों की 70 बसें चलकर फतेहाबाद बस स्टैंड पर आई हैं। रोडवेज निगम ने लोकल रूटों पर बसों का संचालन किया हुआ था, जिससे लोगों को अधिक परेशानी नहीं हुई। हालांकि बसें देरी से बस स्टैंड पर आ रही थी, जिस कारण सवारियों को लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ा। रोडवेज ने रतिया रूट पर गांव अयाल्की के पास लगे बैरिकेड्स बंद होने के कारण बसों को वाया भिरडाना, रामपुरा, अहरवां से रतिया तथा टोहाना तक भेजा। निजी बस चालकों ने भी इस दौरान जमकर चांदी कूटी। रतिया से फतेहाबाद का किराया 25 रुपये है, लेकिन निजी बस चालकों ने यात्रियों से 40 रुपये प्रति सवारी किराया लिया। इसका मुख्य कारण यह था कि सीधा रूट न होने के कारण निजी बस संचालकों को गांवों से बसों को फतेहाबाद लाना पड़ रहा था।
नगरपरिषद फतेहाबाद के कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे और नगरपालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले नगरपरिषद कार्यालय में धरना देकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नगर परिषद के सभी सफाई कर्मचारी, डोर-टू-डोर, टाटा ऐस ड्राइवर, मार्केट कमेटी के सफाई कर्मचारी व दफ्तर का स्टाफ भी इस हड़ताल में शामिल रहा। जिस कारण घर-घर कचरा उठान व सड़कों से कचरा नहीं उठ पाया। जिस कारण शहर में 41 टन कचरा जमा हो गया।
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कुरुक्षेत्र से आए परिवार को करना पड़ा सिरसा के लिए ऑटो
फतेहाबाद में कुरुक्षेत्र से किसी तरह से मयंक कुमार फतेहाबाद पहुंचा। उसने बताया कि हड़ताल व किसान आंदोलन के चलते उसको फतेहाबाद आने तक काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यहां पर नए बस स्टैंड आया तो पता चला कि पुराने बस स्टैंड से बस मिलेगी। परिवार सहित जब मयंक पुराने बस स्टैंड आया तो उसको यहां पर भी सिरसा के लिए बस नहीं मिली। मजबूरन उसको 800 रुपये में सिरसा के लिए ऑटो करना पड़ा।





जाखल में नहीं चलीं बसें, दुकानें रहीं बंद
कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य और महंगाई कम करने की मांग
फतेहाबाद। भारत बंद का असर जाखल में भी दिखाई दिया। यहां पर दुकानें बंद दिखाई दी और बसों का संचालन नहीं हुआ। जिस कारण रेलवे स्टेशन पर लोगों की चहल पहल नजर आई। किसान संगठनों व कर्मचारियों ने मिलकर लोगों से दुकानें बंद करने का आह्वान किया था, जिसके चलते इक्का दुक्का दुकानों को छोड़कर बाकी दुकानें 12 बजे से 4 बजे तक बंद रही।

शुक्रवार को फतेहाबाद के भारी संख्या में किसान, मजदूर, कर्मचारी बिजलीघर में इकट्ठे हुए और प्रदर्शन करते हुए रोडवेज प्रांगण में पहुंचे। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता हरियाणा कर्मचारी महासंघ फतेहाबाद के प्रधान फकीर चन्द सैनी व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा फतेहाबाद के प्रधान भूपसिंह भड़ौलावाली ने संयुक्त रूप से की तथा संचालन सचिव सुरजीत दुसाद व दिवान सिंह ने संयुक्त रूप से की। प्रधान फकीर चन्द सैनी व भूप सिंह भड़ौलावाली ने कहा कि इस हड़ताल के मुख्य मुख्य मुद्दे तमाम कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, क्लर्कों को 35400, पुरानी पेंशन बहाली,सार्वजनिक क्षेत्र का विस्तार करना, सभी रिक्त पदों को नियमित रूप से भरना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति रद्द करवाने, बिजली एक्ट रद्द करवाने, हरियाणा कौशल रोजगार निगम भंग करके नियमित भर्ती का प्रबंध करवाने, आठवें वेतन आयोग का गठन करना, पुरानी वेतन विसंगतियों को हल करवाना, न्यूनतम वेतनमान 26000 लागू करवाना, आंगनबाड़ी, मिड डे मील वर्कर, आशा वर्कर, ग्रामीण चौकीदार व ग्रामीण सफाई कर्मचारी आदि को नियमित कर्मचारियों का दर्जा दिलवाने, किसानों को सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का कानून बनवाने, महंगाई पर रोक लगाना आदि है।
यह बोले परेशान यात्री
कोट
मैं मेरी पत्नी और दो बच्चों के साथ रात को कुरुक्षेत्र से चला था, मगर फतेहाबाद पहुंचने के बाद सिरसा के लिए कोई बस नहीं मिल सकी। मजबूरन मुझे 800 रुपये में ऑटो किराया पर लेकर जाना पड़ रहा है।
मयंक कुमार,यात्री।

कोट

मैं रतिया जाने के लिए दो घंटों से खड़ा हूं, मगर कोई बस नहीं मिल रही है। सुबह आते समय बाइक पर आया था, लेकिन अब घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा है।
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संजू कुमार, यात्री।

कोट

मैं एमएम कॉलेज का छात्र हुं, फतेहाबाद के भट्टू बस अड्डे पर सरकारी बस का इंतजार कर रहा हूं, मगर कोई साधन नहीं मिल रहा है।

-सचिन कुमार, छात्र।

कोट

मैं हिसार जाने के लिए करीब दो घंटाें से फतेहाबाद के पुराने बस अड्डे के सामने खड़ा हूं मगर बस नहीं मिल रही है। जिसके चलते लगता अब घर जाना पड़ेगा।

राजेंद्र कुमार,यात्री।
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