फतेहाबाद। सरकार की ओर से जिले को 8 गुलाबी बसों को छात्राओं को शिक्षण संस्थानों तक लाने और ले जाने के लिए दी गई है। रोडवेज की ओर से इन बसों को छात्राओं के लिए चलाने के बजाय अलग-अलग ग्रामीण रूटों पर चलाया जा रहा है।
जिला मुख्यालय से गांव भोडियाखेड़ा में बने राजकीय औद्योगिक संस्थान व राजकीय महिला महाविद्यालय में रोजाना सैकड़ों छात्राएं पढ़ने के लिए जाती हैं। रोडवेज अधिकारियों की ओर से गुलाबी बसों को जिले के विभिन्न ग्रामीण रूटों पर दौड़ाया जा रह हैं। ऐसे में महाविद्यालय की छात्राओं के लिए रोडवेज अधिकारी उनके आने-जाने लिए गुलाबी बसें न भेजकर बड़ी नीली बसों को भेजते हैं। जिस कारण छात्राओं को शिक्षण संस्थान में जाने के लिए काफी दिक्कत होती है।
गांव भोडियाखेड़ा के राजकीय महिला महाविद्यालय में पढ़ने छात्राओं दीपिका, रेनू, सलोनी, मीनू, सुमन आदि ने बताया कि गुलाबी बसों को बहुत कम कॉलेज में जाने के लिए भेजा जाता है। भट्टू से आने-जाने वाली बसों में ही सफर करके वे कॉलेज में पहुंचती हैं। बसों में यात्रियों की भी काफी भीड़ हाेती है, वहीं काफी संख्या में छात्राएं भी कॉलेज आती जाती हैं।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि जो गुलाबी बसें रोडवेज के पास है, वो सुचारु रूप से छात्राओं के आने-जाने के लिए चलाई जा रही हैं। कई बार छात्राओं की संख्या ज्यादा होती है, तो बड़ी बस को भेजना पड़ता है। गुलाबी बस में कुल 35 सीटें हैं, वहीं बड़ी नीली बस में 52 सीटें होती हैं। जिस कारण छात्राओं को छोड़ने के लिए बड़ी बसों को भेजना मजबूरी होती है।
कोट्स :सुबह व दोपहर के समय बसों की दिक्कत रहती है। गुलाबी बसों को कॉलेज के लिए ना भेज कर ग्रामीण रूट पर चलाया जा रहा है। जबकि सरकार की ओर से गुलाबी बसें शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए दी गई हैं।
- दीपिका, छात्रा।
-
गुलाबी बसों को ग्रामीण रूट पर नहीं चलाना चाहिए। रोजाना आधा घंटा इंतजार करने के बाद छात्राओं को बस लेने आती है। कई बार बस स्टैंड पर अधिकारी को फोन करना पड़ता है। इसके बाद बस आती है।
- रेनू, छात्रा।
-
कॉलेज व आईटीआई में हजारों की संख्या में छात्राएं रोजाना पढ़ने आती हैं। कॉलेज जाने व कॉलेज से आने के लिए काफी बार छात्राओं को ऑटो व ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है। सुबह कॉलेज जाने के लिए सिर्फ दो ही बसें स्पेशल जाती हैं।
- सलोनी, छात्रा।
वर्जन : लगभग सभी गुलाबी बसें शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए चलाई जा रही हैं। कई बार बस स्टैंड व कॉलेज से बस स्टैंड आने के लिए छात्राओं की संख्या ज्यादा होती है। इसलिए बड़ी बसों को भेजा जाता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्राएं आ जा सकें।
-
सुरेंद्र कुमार, यातायात प्रबंधक, रोडवेज फतेहाबाद।