फतेहाबाद। हरियाणा रोडवेज फतेहाबाद डिपो की ओर से भीड़-भाड़ वाले ग्रामीण रूटों पर बड़ी बसों की जगह मिनी चलाने का फैसला यात्रियों, विशेषकर स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। इन मिनी बसों में सीटों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कई बार तो उनको बस के दरवाजे में लटककर अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ रही है। शहर के कॉलेज, आईटीआई और बहुतकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले हजारों छात्र आसपास के गांवों से रोज आते-जाते हैं। सुबह और शाम के समय इन रूटों पर बसों में भारी भीड़ रहती है। इन रूटों पर बड़ी बसों को हटाकर मिनी बसें चला देने से स्थिति खराब हुई है।
फतेहाबाद से आदमपुर, भट्टू, बीघड़, हांसपुर, नागपुर, डिंग मंडी जैसे ग्रामीण रूटों पर यह समस्या विशेष रूप से गंभीर है। इन रूटों पर एक ही बस में क्षमता से कहीं ज्यादा यात्री सवार होते हैं। मिनी बसों में अधिकतम 30-35 यात्रियों के बैठने की जगह होती है, जबकि इन रूटों पर हर बस में 60 से 80 यात्री सफर करते हैं। ऐसे में बाकी यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है।
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गांव में छोटी के बजाय बड़ी बसें भेजने की मांग कर चुके
गांव में मिनी बसों के बजाय बड़ी चलाने की मांग को लेकर छात्र कुछ दिन पहले रोडवेज अधिकारियों से मिल उन्हें ज्ञापन सौंप चुके हैं। ज्ञापन सौंपने वाले छात्र पवन, अनीता, अजय, प्रेम, मनप्रीत आदि ने बताया कि रोडवेज अधिकारी उन रूट पर उस समय मिनी बसों को भेजते है, जिस समय उस रूट पर काफी भीड़ हाेती है। जिस कारण छात्राें के साथ-साथ अन्य यात्रियों को भी परेशानी होती है। मिनी बस में करीब 35 सीट होती है, वहीं बड़ी बस में करीब 55 सीटें होती है। रोडवेज को सर्वे करते हुए उस रूट व उस समय पर बड़ी बसें चलानी चाहिए जिस समय रूट पर भीड़ होती है।