फतेहाबाद। बेटियों को अगर अवसर और हौसला मिले तो वे सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिख सकती हैं। बड़ोपल की 16 वर्षीय रितु ऐसी ही उम्मीद बनकर उभरी हैं। राजकीय स्कूल बड़ोपल की कक्षा 11वीं की छात्रा रितु पिछले ढाई साल से हॉकी खेल रही हैं।
इस दौरान उन्होंने 8 बार स्टेट और दो बार नेशनल स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। रितु के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। पिता संतलाल मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घर की सीमित आमदनी के बीच हॉकी के प्रति रितु का जुनून कम नहीं हुआ। पढ़ाई के साथ वह नियमित रूप से मैदान पर अभ्यास करती हैं।
रितु बताती हैं कि गांव की ही खिलाड़ी खुशबू को हॉकी में आगे बढ़ते देखकर उनके मन में भी इस खेल के प्रति रुचि पैदा हुई। रितु का सपना हॉकी में लगातार आगे बढ़ना और प्रदेश के साथ देश का प्रतिनिधित्व करना है। रितु का कहना है कि मेहनत के साथ सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो गांव की बेटियां भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
रितु की उपलब्धियां
रितु पिछले ढाई साल से हॉकी खेल रही हैं। इस दौरान वह आठ बार स्टेट और दो बार नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। वह अंडर-17 स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं। लगातार प्रतियोगिताओं में खेलने से उन्हें बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिला है। अब उनकी नजर आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए हॉकी में प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व करने पर है।