फतेहाबाद। बाढ़ के पानी से अब आई फ्लू का खतरा भी बढ़ गया है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है। कैंपों में अब तक जांच के दौरान 158 आंखों से संबंधित बीमारी के मरीज मिल चुके हैं। हालांकि आई फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है।
आई फ्लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए स्पेशल कैंप लगाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को सीनियर मॉडल स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में कैंप लगाकर जांच की गई।
चर्म रोग मरीजों का आंकड़ा दो हजार से पार
बाढ़ के पानी का प्रभाव इतना है कि चर्म रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को चर्म रोग मरीजों को आंकड़ा दो हजार पार हो गया है। सोमवार तक लगाए गए कैंपों में जांच के दौरान 2007 मरीज चर्म रोग का उपचार ले चुके हैं।
बाढ़ग्रस्त लोगों के लिए लगाए गए कैंपों की ये है स्थिति
जिले में अब तक लगाए गए कैंप - 696
कैंपों में हुई लोगों की जांच - 9617
बुखार पीड़ित मिले - 963
पेट बीमारी से ग्रस्त मिले - 462
आंख की बीमारी से ग्रस्त मिले - 158
चर्म रोगी मिले - 2007
अन्य बीमारियों से ग्रस्त मिले - 5935
ओआरएस पैकेट बांटे गए - 2439
आई फ्लू के लिए जारी की ये एडवाइजरी
वायरल संक्रमण से बचने के लिए हाथों को साबुन और पानी से नियमित रूप से धोएं। यदि आंखों में लालिमा या जलन की शिकायत हो तो तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें और दिए गए उपचार का पालन करें। आंखों को आराम देने के लिए नियमित रूप से ठंडे कंप्रेस लगाएं। इसके साथ-साथ अपने उपयोग की गई वस्तुओं को अन्य लोगों के साथ सांझा न करें। आंखों को साफ करने के लिए स्वच्छ और नम कपड़े का उपयोग करें और अपने आंखों को छूने से पहले और बाद में हाथों को धोएं। आंखों को धोने के लिए गरम पानी का उपयोग न करें, यह आंखों को और अधिक खराब कर सकता है। आंखों को दवाइयों से साफ करने के लिए गुलाब जल, या अन्य घरेलू उपायों का उपयोग न करें। यदि आपको वायरल कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सा विशेषज्ञ से संपर्क करें और उनके द्वारा दिए गए उपचार का पालन करें।
जिला में बाढ़ के पश्चात लोगों में वायरल कंजंक्टिवाइटिस (तीव्र वायरल आंखों का संक्रमण) के संक्रमण होने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इससे बचाव के बारे में क्या करें और क्या न करें संबंधित दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। लोगों से अपील है कि वह सावधानी बरतें और एडवाइजरी का पालन करें।
- डॉ.सपना गहलावत, सिविल सर्जन