फतेहाबाद। उमस भरे मौसम और भीषण गर्मी के कारण चर्म रोगों के मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ दोगुनी हो गई है। इस मौसम में फंगल और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
चर्म रोग विशेषज्ञों के अनुसार, ओपीडी में मरीजों की संख्या इतनी अधिक है कि नागरिक अस्पताल में दैनिक पंजीकरण दोपहर 12 बजे के बाद बंद करना पड़ रहा है। यह स्थिति मौजूदा मौसम में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता को दर्शाती है। नागरिक अस्पताल दैनिक ओपीडी में मरीजों की संख्या 225 से 250 तक पहुंच रही है। विशेषज्ञों ने लोगों से इस मौसम में अपनी त्वचा का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
संक्रमण के प्रकार और बचाव के उपाय
इस मौसम में मुख्य रूप से फंगल और वायरल संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। इनसे बचाव के लिए कुछ सरल उपाय अपनाना जरूरी है। विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग ढीले और हवादार कपड़े पहनें। ऐसे कपड़े चुने जिनसे शरीर को पर्याप्त हवा मिल सके। दिन में कम से कम दो बार स्नान करना भी संक्रमण से बचाव में सहायक होता है। यह शरीर को स्वच्छ और ठंडा रखने में मदद करता है।
नारियल तेल त्वचा को नमी प्रदान करता है
चर्म रोग विशेषज्ञों ने कुछ उत्पादों के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी है। डिटोल और नीम के पानी का बहुत ज्यादा प्रयोग त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके बजाय, नहाने के पांच मिनट के भीतर नारियल तेल का प्रयोग करना फायदेमंद है। नारियल तेल त्वचा को नमी प्रदान करता है और उसे स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह त्वचा को शुष्क होने से बचाता है और संक्रमण के जोखिम को कम करता है।
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ओपीडी में मरीजों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। हालात ऐसे हैं कि मरीजों का पंजीकरण दोपहर बारह बजे के बाद बंद करना पड़ रहा है। यह स्थिति बताती है कि लोग त्वचा संबंधी समस्याओं को लेकर गंभीर हो रहे हैं लेकिन सावधानी बरतना सबसे महत्वपूर्ण है। त्वचा संबंधी समस्या को नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।
- डॉ. प्रीत कौर, चर्म रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल