नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए जद्दोजहद में जुटी भाजपा के लिए एक और संकट खड़ा हो गया है। शहर के रिजर्व वार्डों से चुनकर आए नौ पार्षदों ने भाजपा को समर्थन के बदले में नगर परिषद के चेयरमैन पद की मांग रख दी है। इसी के चलते इन सभी नौ पार्षदों ने भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां की टी-पार्टी से भी दूरी बनाए रखी। हालांकि देर सायं वीरेंद्र एडवोकेट ने भाजपा जिलाध्यक्ष को ये विश्वास तो दिलाया कि वो उनसे बाहर नहीं हैं, लेकिन रिजर्व वार्ड से चुनकर आए सभी पार्षदों की बात सरकार तक पहुंचाना भी उनकी जिम्मेदारी है। रिजर्व वार्ड के पार्षदों के इस कदम से चेयरमैन पद पर आसानी से कब्जा करने के ख्वाब देख रही बीजेपी के लिए खासी मुश्किल खड़ी हो गई है।
इन पार्षदों ने बनाया नया मोर्चा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वार्ड चार के पार्षद एडवोकेट वीरेंद्र के घर पर हुई बैठक में कुल नौ पार्षद शामिल थे। सबसे हैरत की बात तो ये है कि इन नौ पार्षदों में वार्ड सात के पार्षद गुरचरण सिंह भी मौजूद थे। गुरचरण सिंह भाजपा जिलाध्यक्ष को मिठाई खिलाने बीजेपी दफ्तर भी जा चुके हैं। इस बैठक में वार्ड एक से रविंद्र कौर, वार्ड चार से वीरेंद्र एडवोकेट, पांच से पूनम रानी, वार्ड छह से रानी देवी, सात वार्ड से गुरचरण सिंह, वार्ड 16 से सुनीता रत्ति, वार्ड 22 से राजेश खटीक, वार्ड 24 से राजकुमार सैनी, और वार्ड 25 से पार्षद बने राजेश जांगड़ा शामिल थे।
बीजेपी की बढ़ी मुश्किलें
शहर में पंजाबी चेयरमैन बनाने की आस में जुटी बीजेपी के लिए इन नौ पार्षदों ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। बीजेपी जिलाध्यक्ष वेद फुलां ने बीते दिन पार्टी दफ्तर में सभी पार्षदों को चाय पर बुलाया था। इस बैठक में दुड़ाराम गुट से राकेश गंभीर, प्रमोद ग्रोवर डबली और सोनू कुक्कड के आने से बीजेपी नेताओं की बांछे खिल उठी थी। लेकिन उनकी खुशी महज एक ही दिन की थी। वीरवार को उपरोक्त तीनों पार्षद एक बार फिर दुड़ाराम की कोठी पर कुलदीप बिश्रोई से गले मिल रहे थे।
प्रधान पद छिटका तो बीजेपी के लिए मुश्किल होगा मौजूदा पार्षद संभालना
नए मोर्चे के नौ पार्षदों के चेयरमैन पद की मांग करने से बीजेपी के लिए अपने खेमे के मौजूदा पार्षदों को संभालना मुश्किल हो सकता है। बीजेपी खेमे में खड़े मौजूदा पार्षदों में से अधिकतर पार्षद प्रधानगी के दावेदार हैं। ऐसे में अगर उन्हें जरा सा भी इल्म हुआ कि प्रधानगी उनके हाथ में नहीं आनी, तो पाला बदलने में वो ज्यादा देर नहीं लगाएंगे। ऐसे में अब बीजेपी जिलाध्यक्ष वेद फुलां के लिए ये किसी राजनीतिक अग्नि परीक्षा से कम नहीं होगी।
दुड़ाराम का हो सकता है मास्टर स्ट्रोक
फतेहाबाद की राजनीति में दिग्गज मुकाम रखने वाले दुड़ाराम किसी भी स्थिति में हार नहीं मानने वाले नेता हैं। मंगलवार को ही बीजेपी की टी-पार्टी की खबर आने से निश्चित तौर पर दुड़ाराम के पास प्लान बनाने का समय मिल गया है। ऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि नौ पार्षदों के नए मोर्चे के पीछे दुड़ाराम का दिमाग हो। बीजेपी अगर इन पार्षदों की बात मानने से इंकार करती है, तो ये सभी नौ पार्षद दुड़ाराम गुट में शामिल हो सकते हैं। जहां पहले ही राकेश गंभीर, प्रमोद ग्रोवर डबली, सोनू कुक्कड़, अनिल गर्ग और जुगलाल टुटेजा मौजूद हैं। इस प्रकार दुड़ाराम गुट के पास 25 में से 14 पार्षद हो जाएंगे, जो चेयरमैन के पद के लिए पर्याप्त हैं। हालांकि इस स्थिति में दुड़ाराम के चहेते अनिल गर्ग को भी प्रधानगी का लालच छोड़ना पड़ेगा।
सभी पार्षदों को विकास के रास्ते पर साथ चलने के लिए चाय पर बुलाया था। हम चाहते हैं कि इस बार नगर परिषद में विपक्ष न हो, ताकि सभी वार्डों का समान विकास हो सके। लेकिन अगर कुछ लोग फिलहाल अलग चल रहे हैं, तो उनसे बात की जाएगी।
वेद फुलां, भाजपा जिलाध्यक्ष, फतेहाबाद ।
हमारी मांग है कि सरकार इस बार लीक से हटकर कदम उठाए और सामान्य सीट होने के बावजूद किसी आरक्षित वार्ड के नुमाइंदे को चेयरमैन बनाकर एक उदाहरण पेश करे। हम सभी नौ पार्षद एकजुट हैं।
एडवाकेट वीरेंद्र, पार्षद वार्ड चार एवं मोर्चा संयोजक।