कोरोना महामारी में रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बेचने के लिए सप्लाई करने का आरोपी हिसार के तलवंडी रूक्का निवासी विकास उर्फ विक्की को पुलिस ने काबू कर लिया। विकास उर्फ विक्की पर आरोप है कि उसने ही भव्य को इंजेक्शन ब्लैक में बेचने के लिए सप्लाई किए थे।
पुलिस ने 30 अप्रैल को भव्य को 35 हजार रुपये में एक इंजेक्शन बेचते हुए पकड़ा था। इसके अलावा स्कूटी से 5 और इंजेक्शन भी बरामद किए गए थे। पूछताछ में सामने आया है था कि विकास उर्फ विक्की ने भव्य को इंजेक्शन दिए थे। बताया जा रहा है कि इस मामले में गिरोह का एक अन्य सदस्य भी शामिल है। जिसने विकास उर्फ विक्की को इंजेक्शन लाकर दिए थे। बताया जा रहा है कि ब्लैक में इंजेक्शन बेचने पर आने वाली राशि को तीनों में बांटा जाना था।
ऐसे काबू आया था आरोपी भव्य : मामले के मुताबिक 30 अप्रैल को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हिसार का एक युवक रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बेच रहा है। टीम ने ग्राहक तैयार किया जिसने आरोपी भव्य से संपर्क किया। आरोपी ने इंजेक्शन देने के लिए निर्माणाधीन बस स्टैंड के पास बुलाया। यहां पर जैसे ही भव्य ने 35 हजार रुपये लेकर इंजेक्शन दिया तो सीआईए ने पकड़ लिया। स्कूटी से पुलिस ने पांच और इंजेक्शन बरामद किए थे।
मामले में इंजेक्शन सप्लाई करने का आरोपी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया यहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। - महेंद्र सिंह, जांच अधिकारी, सीआईए।