इस दौरान उन्होंने एक घंटे तक कार्यालय का घेराव रखा। हरियाणा अतिथि
अध्यापक संघ की राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर 17 जून को शिक्षा मंत्री
रामबिलास शर्मा के आवास पर महापड़ाव डाला जाएगा।
प्रदर्शन का
नेतृत्व कर रहे मनोज बेनीवाल ने कहा कि हरियाणा की खट्टर सरकार ने सरप्लस
का बहाना बनाकर अतिथि अध्यापकों का रोजगार छीनने का जो काम किया है उसे कभी
भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
16 हजार परिवारों की रोजी-रोटी
छीनकर सरकार चैन की नींद नही सो सकती। बेनीवाल ने कहा कि अतिथि अध्यापक जान
की बाजी लगाकर अपना रोजगार बचाएंगे। अतिथि अध्यापकों के रोजगार के इस
आंदोलन का समर्थन करने के लिए सर्व कर्मचारी संघ,हरियाणा अध्यापक संघ व
अन्य संघ भी साथ देंगे।
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के जिला प्रधान
रघुनाथ मेहता ने संबोधित करते हुए कहा कि अतिथि अध्यापकों की रोजगार की इस
लड़ाई में उनके साथ हैं।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार अपने ओच्छे
हथकंडे अपनाकर इन अध्यापकों को हटाने का प्रयास न करें नहंी तो इसके परिणाम
बहुत भयंकर होंगे। प्रदर्शन में रतिया खंड के प्रधान इंद्रजीत, सर्व
कर्मचारी संघ जिला प्रधान बेगराज, अध्यापक संघ भट्टू प्रधान देसराज माचरा,
जिला कोषाध्यक्ष कैलाश माचरा सहित सैकड़ों अध्यापक मौजूद थे।
अब कहां जाएंगे गेस्ट टीचर
कोर्ट
के आदेशों के बाद संडे के दिन जिले के 247 गेस्ट टीचरों को बाहर का रास्ता
दिखा दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई के बाद 10 साल से शिक्षा दे रहे
गेस्ट टीचर बेरोजगार हो गए।
सरकार ने पिछले दिनों अध्यापकों को
आश्वासन दिया था कि बीच का कोई रास्ता निकाला जाएगा लेकिन बिना कोई रास्ता
निकाले इन्हें हटा दिया गया है।
अब इनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह
है कि 50 प्रतिशत से अधिक अध्यापक ओवरएज हो चुके हैं। अगर सरकार नई भर्ती
करती है तो इन अध्यापकों में से काफी का एचटेट ही क्लीयर नहीं हुआ है। अब
देखना यह है कि सरकार इन्हें रेगुलर भर्ती में क्या छूट देती है।