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Fatehabad News: दिल्ली मार्ग पर राहत, पंजाब जाना आफत

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फतेहाबाद। किसान आंदोलन के चलते बंद पड़ी फतेहाबाद से दिल्ली और चंडीगढ़ रूट रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो चुका है। मगर अभी भी पंजाब रूट की आफत बरकरार है, यात्रियों को अपने निजी वाहनों से पंजाब जाने के लिए लिंक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। मुख्य मार्ग न खुलने के कारण पंजाब रूट पर चलने वाली चार बसों का संचालन बंद है जिससे यात्रियों को फतेहाबाद की सीमा से दो से तीन किलोमीटर पैदल चलकर पंजाब रोडवेज की बसों को पकड़ना पड़ रहा है। रोडवेज निगम के अनुसार, पंजाब में बसों का संचालन न होने के कारण रोडवेज को प्रतिदिन दो से ढाई लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
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गौरतलब है कि पंजाब के किसानों द्वारा 13 फरवरी को दिल्ली कूच के चलते फतेहाबाद प्रशासन पहले से ही अलर्ट हो गया था। 11 फरवरी को फतेहाबाद के गांव हांसपुर से जोड़ने वाले पंजाब के मुख्य मार्ग, रतिया में रोझांवाली के सेम नाला व टोहाना में राष्ट्रीय राजमार्ग 148बी को बंद कर दिया गया। यहां पर नुकीली कीलों के साथ-साथ खाइयां खोद दी गईं और साथ ही बड़े-बड़े सीमेंटेड ब्लॉक और लोहे के बैरिकेड्स रखवा दिए गए। साथ ही इन नाकों पर पुलिस फोर्स के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स को भी तैनात कर दिया गया था। इसके बाद 13 ही फरवरी को प्रशासन ने फतेहाबाद के गांव अयाल्की के रंगोई नाले, रतिया के रोझांवाली के साथ लगते एक लिंक मार्ग, टोहाना के सिंबलवाला व मनियाना रोड पर लिंक मार्गों पर भी नाके लगा दिए थे। अब हालात सुधरे हैं तो प्रशासन ने अयाल्की, सिंबलवाला व मनियाना रोड का नाका खोल दिया है। जिससे लोग सिंबलवाला व मनियाना लिंक मार्ग से पंजाब की ओर निजी वाहनों से जा रहे हैं।


अंबाला में रास्ता खुलने से शुरू की बसें
फतेहाबाद में अंबाला में मार्गों को खोलने के चलते फतेहाबाद से दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए बसों का संचालन सुचारू रूप से आरंभ कर दिया गया है। फतेहाबाद से दिल्ली के लिए 12 बसों का संचालन हो रहा है। वहीं चंडीगढ़ के लिए वाया अंबाला दिन में समय में 6 व रात्रि के समय में 3 यानि 9 बसों का संचालन हो रहा है। इन बसों के संचालन से दिल्ली व चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को राहत मिली है। ज्ञात रहे कि फतेहाबाद से दिल्ली के लिए अनेक व्यापारी सामान आदि खरीदने के लिए रोडवेज का प्रयोग करते हैं, साथ ही विद्यार्थी भी दिल्ली में कोचिंग ले रहे हैं। इसके अलावा सामान्य यात्रियों की संख्या भी चंडीगढ़ व दिल्ली के लिए अधिक रहती है।
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पंजाब के लिए पहले जाती थी चार बसें
फतेहाबाद से पंजाब होकर चंडीगढ़ के लिए जाने वाली 4 बसों का संचालन बंद पड़ा है। इसके अलावा पंजाब होकर कटरा जाने वाली बस भी बंद पड़ी है। रोडवेज निगम की ओर से लोकल रूट पर पंजाब के लिए सरदूलगढ़ व बुढ़लाडा के लिए भी बसें चलाई जाती हैं, जो बंद पड़ी हैं। ऐसे में पंजाब की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निजी वाहन चालकों को लिंक मार्गों से होकर गुजरना पड़ रहा है और जो लोग बसों में सफर करते हैं, उनको फतेहाबाद की सीमा के बाद कुछ दूर पैदल चलकर पंजाब की बसों को पकड़ना पड़ रहा है। पंजाब की ओर बसें न जाने के कारण रोडवेज निगम को प्रतिदिन 2 से ढाई लाख रुपये का घाटा सहना पड़ रहा है। ज्ञात रहे कि पंजाब होकर चंडीगढ़, कटरा, सरदूलगढ़ व बुढ़लाडा के लिए प्रतिदिन करीब 1500 से दो हजार यात्री यात्रा करते हैं, जिनको परेशानी हो रही है।

गांव अयाल्की में पक्का मोर्चा जारी
भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ संघर्ष समिति की ओर से गांव अयाल्की के रंगोई नाले के पास धरना जारी है। समिति के प्रदेश प्रवक्ता राम जाट ने बताया कि किसान आंदोलन को आगे रूपरेखा देने के लिए 10 मार्च को धरने पर किसान महापंचायत बुलाई गई है। इस महापंचायत में किसान नेताओं के साथ-साथ महिला किसान भी भाग लेंगी। इस महापंचायत में ताई सुदेश कंडेला, पंजाबी कलाकार सोनिया मान भी भाग लेंगी।

कोट
पंजाब से होकर अन्य हिस्सों में जाने वाली बसों को अभी तक आरंभ नहीं किया गया है। बुढ़लाडा व सरदूलगढ़ के लिए स्पेशल बसें चलती थीं, जो अब बंद हैं। इसके अलावा वाया पटियाला होकर चंडीगढ़ व कटरा के लिए भी बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। जिससे रोडवेज को प्रतिदिन 2 से ढाई लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
रामसिंह, डिपो इंचार्ज, रोडवेज डिपो फतेहाबाद

कोट
फिलहाल ऐसे आदेश नहीं आए हैं कि पंजाब से लगी मुख्य सीमा पर लगे नाकों को हटाया जाए। जब तक हालात ठीक नहीं होंगे, यह नाके लगे रहेंगे। सरकार के आदेशों पर ही आगामी कार्रवाई होगी।
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प्रतीक हुड्डा, एसडीएम, टोहाना
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