फतेहाबाद। जिले में शनिवार को पहले दिन सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के दौरान रोडवेज की व्यापक व्यवस्थाओं का असर देखने को मिला। विशेष रूप से अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए शुरू की गई शटल बस सेवा ने परीक्षा को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कुल 90 बसों ने 320 फेरे लगाकर 15 हजार से अधिक अभ्यार्थियों को उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया और वापस घर लौटने में मदद की। रोडवेज की ओर से चलाई गई शटल बस सेवा को लेकर प्रशासन की ओर से प्रत्येक बस पर शिक्षकों की ड्यूटी भी लगाई गई ताकि अभ्यर्थियों को लेकर जाने वाली बस पर निगरानी की जा सके।
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11 रूटों पर चलीं बसें, शिक्षकों की भी लगी ड्यूटी
जिला प्रशासन ने सीईटी के लिए कुल 11 शटल बस रूट निर्धारित किए थे। इन रूटों पर बसों का संचालन सुबह से लेकर देर शाम तक जारी रहा, ताकि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बसों के सुचारु संचालन और अभ्यर्थियों की सहायता के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई थी। इन शिक्षकों ने न केवल अभ्यर्थियों को बसों में बिठाने और उतारने में मदद की बल्कि उन्हें रूटों और परीक्षा केंद्रों से संबंधित जानकारी भी प्रदान की।
भीड़भाड़ से राहत, समय पर पहुंचे अभ्यर्थी
सीईटी जैसी बड़ी परीक्षाओं में अक्सर सार्वजनिक परिवहन पर अत्यधिक दबाव देखने को मिलता है। इससे अभ्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में देरी और परेशानी का सामना करना पड़ता है। फतेहाबाद में शटल बस सेवा ने इस समस्या को काफी हद तक हल कर दिया। बसों की पर्याप्त संख्या और निर्धारित रूटों के कारण अभ्यर्थियों बिना किसी भीड़भाड़ के समय पर अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच पाए।
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70 स्कूली व 20 रोडवेज बसों ने संभाली शटल बस सेवा
रोडवेज की ओर से शटल बस सेवा को लेकर 20 रोडवेज मिनी बस व 70 स्कूली बसों की ड्यूटी लगाई गई थी। इन 90 बसों ने कुल 320 फेरे लगाकर दूसरे जिले से फतेहाबाद में परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। जिससे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। परीक्षा केंद्र को ढूंढने में भी समय खराब नहीं हुआ।